Ghaziabad News: ओमकार हत्याकांड में 50 हजार का इनामी गौरव मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार
Ghaziabad News: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले की लोनी पुलिस को ओमकार हत्याकांड में एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने मामले में फरार चल रहे 50 हजार रुपये के इनामी बदमाश गौरव को एक भीषण मुठभेड़ के बाद दबोच लिया है। आत्मरक्षार्थ की गई पुलिस की जवाबी फायरिंग में गौरव के दोनों पैरों में गोली लगी है, जिसके बाद उसे तुरंत उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा गया। पुलिस कस्टडी में गौरव ने अपना गुनाह स्वीकार करते हुए बताया कि उसने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर ओमकार की हत्या की थी। बता दें कि इससे ठीक एक दिन पहले शुक्रवार को पुलिस ने इस केस से जुड़े एक और 50 हजारी इनामी मोहित को भी गिरफ्तार किया था।
एसीपी अंकुर विहार/लोनी सिद्धार्थ गौतम ने मुठभेड़ की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस टीम को गोपनीय सूचना मिली थी कि ओमकार हत्याकांड का मुख्य आरोपी गौरव निठौरा रोड की तरफ आ रहा है। इस इनपुट के आधार पर सतर्क हुई पुलिस ने निठौरा अंडरपास के पास सघन चेकिंग अभियान शुरू किया। इसी बीच निठौरा की तरफ से एक संदिग्ध बाइक सवार आता हुआ दिखाई दिया। पुलिसकर्मियों ने जब उसे रुकने का इशारा किया, तो उसने रफ्तार बढ़ा दी और भागने का प्रयास किया। पुलिस टीम ने जब उसका पीछा किया तो हड़बड़ाहट में उसकी बाइक अनियंत्रित होकर फिसल गई। खुद को चारों तरफ से घिरा पाकर शातिर गौरव ने पुलिस टीम पर सीधे जान से मारने की नीयत से गोलियां बरसानी शुरू कर दीं।
हथियार और बाइक बरामद
पुलिस ने भी बिना वक्त गंवाए आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें दो गोलियां गौरव के दोनों पैरों में जा लगीं और उसे मौके पर ही दबोच लिया गया। पुलिस ने जब उसकी तलाशी ली, तो उसके पास से वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल, एक .315 बोर का तमंचा, एक जिंदा कारतूस और एक खोखा बरामद हुआ। प्राथमिक पूछताछ में गौरव ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए बताया कि उसने 30 मई को अपने साथियों के साथ मिलकर ओमकार को गोलियों से भून डाला था। हत्या के बाद साक्ष्य छुपाने के लिए उन्होंने शव को एक कार की डिग्गी में लादा और रोहटा-मेरठ मार्ग पर गंगानगर इलाके में फेंक कर फरार हो गए।
अब तक 18 गिरफ्तारियां, शव न मिलने पर धरने पर अड़े परिजन
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस में अब तक कुल 18 आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है। हालांकि, शव को फेंकने की जगह को लेकर पुलिस अभी भी असमंजस में है, क्योंकि पहले पकड़े गए आरोपी मोहित ने शव को पूठखास पुल के पास गंगनहर में बहाने की बात कही थी, जबकि गौरव का बयान अलग है। पुलिस अब इन दोनों कड़ियों को जोड़ते हुए लाश की तलाश में जुटी है। मामले के तीन अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश तेज कर दी गई है। दूसरी तरफ, मृतक ओमकार के परिजनों ने साफ कर दिया है कि जब तक शव बरामद नहीं हो जाता, वे अपना धरना समाप्त नहीं करेंगे।
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