Gen-Z के बाद Gen-Alpha के प्रदर्शन से झुका प्रशासन, एक जगह बनी सड़क, दूसरी जगह हटीं प्रिंसिपल
Gen Alpha Protest: नई पीढ़ी के बच्चे अब अपनी समस्याओं को लेकर आवाज उठाने में पीछे नहीं हैं। उत्तर प्रदेश के हमीरपुर (Hamirpur) और उत्तराखंड (Uttarakhand) के खटीमा में स्कूली छात्रों के विरोध प्रदर्शन ने इसकी तस्वीर साफ कर दी। दोनों जगह मुद्दे अलग थे, लेकिन बच्चों की नाराजगी का असर प्रशासनिक कार्रवाई के रूप में सामने आया।
हमीरपुर में स्कूली बच्चे खराब सड़क की समस्या को लेकर तिरंगा हाथ में लेकर करीब पांच किलोमीटर की यात्रा (Hamirpur Tiranga yatra) करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। वहीं खटीमा में आवासीय विद्यालय के छात्र खराब खाना, दूषित पानी और गंदे शौचालय जैसी समस्याओं को लेकर स्कूल परिसर में धरने पर बैठ गए। खटीमा का मामला मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Puskar Singh Dhami) तक पहुंचा तो उन्होंने तत्काल संज्ञान लेते हुए विद्यालय की प्रधानाचार्य को हटाने का आदेश दे दिया।
हमीरपुर में तिरंगा लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे बच्चे
उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में ग्राम पंचायत चंदूपुर के गंगवा का डेरा और बच्ची का डेरा क्षेत्र के ग्रामीण लंबे समय से स्कूल तक जाने वाली खराब सड़क की समस्या से परेशान हैं। बारिश के दिनों में कच्चे और उबड़-खाबड़ रास्ते पर कीचड़ होने से स्कूली बच्चों की मुश्किल और बढ़ जाती है।

इसी समस्या को लेकर बच्चे और ग्रामीण हाथों में तिरंगा लेकर करीब पांच किलोमीटर की यात्रा करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। प्रदर्शनकारी डीएम गेट पर बैठ गए और सड़क निर्माण शुरू होने तक वहां से नहीं हटने की बात कही। स्थिति को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया। एसडीएम और सीओ सदर भी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत की।
बच्चों और ग्रामीणों का कहना था कि लंबे समय से खराब रास्ते के कारण उन्हें स्कूल आने-जाने में परेशानी होती है। वे चाहते हैं कि स्कूल तक जाने वाली सड़क को पक्का कराया जाए।
हमीरपुर के ADM राकेश कुमार के मुताबिक, सड़क निर्माण के लिए वन विभाग की NOC मिल चुकी है। अब जल्द ही निर्माण शुरू कराया जाएगा। इस सड़क पर करीब 1 करोड़ 81 लाख रुपये खर्च होने की जानकारी दी गई है।
खटीमा में खराब खाना-पानी को लेकर छात्रों का धरना
दूसरा मामला उत्तराखंड के खटीमा स्थित सरकारी एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय का है। यहां छात्रों ने सोमवार शाम स्कूल की व्यवस्थाओं के खिलाफ धरना (Gen Alpha Protest) शुरू कर दिया। छात्रों ने खराब गुणवत्ता का खाना, दूषित पानी और शौचालयों में गंदगी जैसी समस्याओं को लेकर नाराजगी जताई।

छात्रों का आरोप था कि इन समस्याओं को लेकर पहले भी शिकायत की गई थी, लेकिन व्यवस्था में पर्याप्त सुधार नहीं हुआ। बाद में अभिभावक भी छात्रों के समर्थन में धरने में शामिल हो गए।
मामले की जानकारी स्थानीय जनप्रतिनिधियों के जरिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तक पहुंची। मुख्यमंत्री ने तत्काल संज्ञान लेते हुए विद्यालय की प्रधानाचार्य भारती यादव को हटाने का आदेश दिया। व्यवस्था में सुधार का आश्वासन मिलने के बाद छात्रों और अभिभावकों ने धरना समाप्त कर दिया।
दोनों जगह बच्चों की आवाज पहुंची प्रशासन तक
खटीमा के इस आवासीय विद्यालय में कक्षा छह से 12वीं तक करीब 400 जनजातीय छात्र पढ़ते हैं। छात्रों और अभिभावकों ने भोजन, पानी और साफ-सफाई के साथ विद्यालय की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठाए थे।
वहीं हमीरपुर में बच्चों की मांग सीधे स्कूल तक पहुंचने वाली सड़क को लेकर थी। दोनों मामलों में बच्चों ने अपनी समस्याओं को लेकर आवाज उठाई और प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा। हमीरपुर में सड़क निर्माण का रास्ता साफ हुआ है, जबकि खटीमा में छात्रों की शिकायत के बाद प्रधानाचार्य को हटाने का आदेश दिया गया है।
दोनों घटनाओं में बच्चों की मांगें अलग थीं, लेकिन संदेश एक ही रहा- समस्या हो तो आवाज उठाओ। हमीरपुर में सड़क निर्माण का रास्ता साफ हुआ है, जबकि खटीमा में कार्रवाई के बाद Gen Alpha छात्रों ने Protest खत्म कर दिया।
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