Jay Meena: क्रिकेटर बनने का था सपना, सॉफ्ट टेनिस में जीता भारत का पहला एशियन गेम्स मेडल
Sports News: जापान में चल रहे एशियन गेम्स 2026 में भारत के जय मीणा ने सॉफ्ट टेनिस में इतिहास रच दिया है।
पुरुष सिंगल्स में सेमीफाइनल तक पहुंचकर जय ने भारत के लिए इस खेल में एशियन गेम्स का पहला पदक पक्का किया।
सेमीफाइनल में उन्हें जापान के ताकुया कुरोसाका के खिलाफ 2-4 से हार मिली, जिसके बाद उन्हें कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।
जय की उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि जिस खेल में उन्होंने भारत को पहला एशियन गेम्स पदक दिलाया, कभी वह उसका हिस्सा बनने का सपना भी नहीं देखते थे।
मध्य प्रदेश के देवास में पले-बढ़े जय का सपना क्रिकेटर बनने का था।
बॉल बॉय से शुरू हुआ सफर
पायनियर पब्लिक स्कूल में पढ़ाई के दौरान जय की मुलाकात सॉफ्ट टेनिस से हुई। शुरुआत में उनकी इसमें खास दिलचस्पी नहीं थी।
वह कोर्ट के पास रुककर खेल देखते थे और बाद में उन्हें बॉल बॉय की जिम्मेदारी मिल गई।
खिलाड़ियों को करीब से देखते-देखते उनकी दिलचस्पी इस खेल में बढ़ती गई। धीरे-धीरे बॉल बॉय से खिलाड़ी बनने का सफर शुरू हुआ और सॉफ्ट टेनिस उनका करियर बन गया।
क्वार्टर फाइनल में शानदार वापसी
फिलीपींस के नुगिट शेरविन के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में जय ने शानदार वापसी की। मुकाबले में एक समय वह पिछड़ रहे थे, लेकिन उन्होंने लगातार अंक जुटाते हुए मैच को निर्णायक टाई-ब्रेकर तक पहुंचाया।
टाई-ब्रेकर में भी जय 3-5 से पीछे थे। इसके बाद उन्होंने लगातार चार अंक जीतकर 7-5 से मुकाबला अपने नाम किया।

इस जीत के साथ उन्होंने सेमीफाइनल में जगह बनाई और भारत के लिए सॉफ्ट टेनिस में पहला एशियन गेम्स पदक पक्का कर दिया।
सेमीफाइनल में जापान के ताकुया कुरोसाका ने जय को 45 मिनट चले मुकाबले में 2-4 से हराया। जय ने मैच में वापसी की कोशिश की, लेकिन वह फाइनल में जगह नहीं बना सके।
2022 में क्वार्टर फाइनल, अब भारत के लिए पदक
जय के लिए यह सफलता अचानक नहीं आई है। हांगझोउ एशियन गेम्स 2022 में वह पुरुष सिंगल्स के क्वार्टर फाइनल तक पहुंचे थे। इस बार उन्होंने एक कदम आगे बढ़ते हुए भारत के लिए इतिहास रच दिया।
2022 के गुजरात नेशनल गेम्स में जय ने पुरुष सिंगल्स का स्वर्ण पदक जीता था। 2025 में वह राष्ट्रीय चैंपियन बने।
2024 विश्व सॉफ्ट टेनिस चैंपियनशिप में आद्या तिवारी के साथ मिश्रित युगल में कांस्य पदक जीतकर उन्होंने भारत को इस प्रतियोगिता में पहला पदक दिलाया था।
2025 की एशियन सॉफ्ट टेनिस चैंपियनशिप में भी जय ने पुरुष सिंगल्स समेत कई स्पर्धाओं में पदक जीते।
14 साल की उम्र में पहुंचे थे जापान
जय ने सिर्फ 14 साल की उम्र में जापान में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था। अब उसी देश में वह अपने तीसरे एशियन गेम्स में भारत के लिए इतिहास रच चुके हैं।
उनके सफर में व्यक्तिगत मेहनत के साथ संस्थागत सहयोग भी रहा है।
जय टारगेट एशियन गेम्स ग्रुप (TAGG) के एथलीट हैं और एशियन चैंपियनशिप व एशियन गेम्स की तैयारी के लिए अहमदाबाद और जम्मू के राष्ट्रीय शिविरों में प्रशिक्षण ले चुके हैं।
उन्हें कोरिया और जापान में एक्सपोजर और ट्रेनिंग के लिए भी सहायता मिली।
क्रिकेटर बनने का सपना देखने वाला देवास का एक बच्चा पहले सॉफ्ट टेनिस कोर्ट के पास रुका, फिर बॉल बॉय बना और आखिरकार उसी खेल में भारत के लिए इतिहास रच दिया।
जय मीणा की कहानी भारतीय खेलों में मौके और मेहनत की एक खास मिसाल बन गई है।
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