रैंक लिस्ट में नाम फिर भी नौकरी नहीं, केरल में अभ्यर्थियों ने घास-मिट्टी खाकर जताया विरोध
Kerala LPST Protest: सरकारी नौकरी में नियुक्ति की मांग को लेकर केरल में LPST अभ्यर्थियों का आंदोलन तेज हो गया है। तिरुवनंतपुरम में राज्य सचिवालय के बाहर ऑल केरल लोअर प्राइमरी स्कूल टीचर (LPST) रैंक होल्डर्स एसोसिएशन के बैनर तले अभ्यर्थी अनिश्चितकालीन प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका कहना है कि मई 2025 में केरल लोक सेवा आयोग (Kerala PSC) ने रैंक लिस्ट जारी की थी, लेकिन लिस्ट में नाम होने के बावजूद सैकड़ों अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र नहीं मिला।
अभ्यर्थी 36 दिनों से ज्यादा समय से धरने पर हैं। विरोध जताने के लिए कुछ अभ्यर्थियों ने दोना-पत्तल में घास और मिट्टी खाकर प्रतीकात्मक प्रदर्शन भी किया।
13 दिन की भूख हड़ताल के बाद बनी बात
एसोसिएशन की सचिव वलरमथी एस. 13 दिनों से भूख हड़ताल पर थीं। 11 अगस्त को राज्य के शिक्षा मंत्री ने प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की। सरकार ने मांगों की व्यापक समीक्षा के लिए 45 दिनों का समय मांगा। इसके बाद भूख हड़ताल अस्थायी रूप से रोक दी गई, लेकिन सचिवालय के बाहर शांतिपूर्ण धरना जारी है।
अभ्यर्थियों की मांग है कि मई 2025 की रैंक लिस्ट से तुरंत नियुक्तियां की जाएं। खाली पदों की जानकारी 24 घंटे में PSC को भेजने, रैंक लिस्ट की अवधि बढ़ाने और छात्र-शिक्षक अनुपात 1:25 करने की भी मांग है।
PSC भर्ती में पारदर्शिता की मांग
अभ्यर्थी प्राथमिक स्कूलों के हेडमास्टरों को नियमित कक्षाओं से मुक्त करने और निजी सहायता प्राप्त स्कूलों में सीधी भर्ती बंद कर सभी नियुक्तियां PSC के जरिए कराने की मांग कर रहे हैं।
विरोध के समर्थन में BJP और अन्य विपक्षी दलों ने सरकार से बातचीत कर समाधान निकालने की मांग की है। BJYM और KSU कार्यकर्ताओं ने PSC कार्यालयों का घेराव किया। भीड़ नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। अभ्यर्थियों का कहना है कि लिखित फैसला मिलने तक सत्याग्रह जारी रहेगा।

