Prayagraj News: ऑनलाइन सट्टेबाजी के संगठित गिरोह का भंडाफोड़, STF ने 4 शातिरों को दबोचा

Prayagraj News: उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी कराने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 4 सक्रिय सदस्यों को प्रयागराज के मेजा इलाके से गिरफ्तार किया है। यह गिरोह कूटचरित (फर्जी) दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की मदद से rolexpanel.win वेबसाइट के जरिए अवैध सट्टेबाजी और धोखाधड़ी का नेटवर्क चला रहा था।

एसटीएफ फील्ड इकाई, प्रयागराज के पुलिस उपाधीक्षक शैलेश प्रताप सिंह के पर्यवेक्षण और निरीक्षक जय प्रकाश राय के नेतृत्व में उपनिरीक्षक विनय तिवारी व उनकी टीम ने 10 अगस्त की रात करीब 10:00 बजे थाना मेजा क्षेत्र के ग्राम मिश्रपुर स्थित एक मुर्गी फार्म से इन सभी अभियुक्तों को गिरफ्तार किया।

गिरफ्तार आरोपियों का विवरण

बृजेश कुमार सिंह उर्फ टीटू (उम्र 26 वर्ष) – निवासी शम्भूचक/मिश्रपुर, थाना मेजा, प्रयागराज (मुख्य सरगना)।

अभिषेक कुमार (उम्र 20 वर्ष) – निवासी दिलबहार कालोनी, थाना डीएलडब्ल्यू, वाराणसी।

प्रिन्स कुमार उर्फ गौतम (उम्र 20 वर्ष) – निवासी ग्राम उरूवा, थाना मेजा, प्रयागराज।

मितेश प्रधान (उम्र 26 वर्ष) – निवासी गौटिया पारा तरड़ा, थाना कुसौर, रायगढ़ (छत्तीसगढ़)।

एसटीएफ टीम ने मौके से सट्टेबाजी और वित्तीय धोखाधड़ी में इस्तेमाल होने वाले उपकरण व सामान बरामद किए हैं। इनमें 1 लैपटॉप, 1 टैबलेट, 13 स्मार्ट मोबाइल फोन (8+5), 24 पैक्ड सिम कार्ड, 4 खुले सिम और 5 पर्ची में लिपटे सिम कार्ड, 10 यूपीआई क्यूआर कोड स्टीकर, 1 क्यूआर कोड मय स्टैंड, 5 क्यूआर कोड साउंड बॉक्स, 1 ऑप्टिकल फिंगर स्कैनर, 1 जियो एयर फाइबर सेट, 13 डेबिट/क्रेडिट कार्ड, 3 पहचान पत्र 23,000 रुपये नगद, 3 रजिस्टर और सट्टेबाजी से संबंधित स्क्रीनशॉट की 32 वर्क प्रति शामिल हैं।

मुख्य अभियुक्त बृजेश कुमार सिंह उर्फ टीटू ने पूछताछ में बताया कि उसने ग्राम मिश्रपुर में मुर्गी फार्म बनाया था, लेकिन उसमें मुर्गी पालन न करके अपने साथियों (अभिषेक, प्रिंस और मितेश) के साथ मिलकर ऑनलाइन गेमिंग/सट्टेबाजी का अवैध धंधा शुरू कर दिया। आरोपी दूसरों की फर्जी आईडी पर सिम कार्ड खरीदते थे और एयरटेल पेमेंट्स बैंक में खाता खोलकर यूपीआई आईडी तथा एमपिन तैयार करते थे।

अत्यधिक ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के कारण जब बैंक खाता या मोबाइल नंबर ब्लॉक हो जाता था, तो वे तुरंत दूसरा फर्जी सिम एक्टिवेट कर नया खाता शुरू कर लेते थे। rolexpanel.win वेबसाइट पर सट्टा लगाने वालों से पैसे अलग-अलग खातों में मंगवाए जाते थे और उसका स्क्रीनशॉट व्हाट्सएप चेकर ग्रुप में भेजा जाता था। यदि मेन एडमिन को 2 से 5 मिनट तक आईडी पर कोई गतिविधि नहीं दिखती थी, तो वे लॉगिन अकाउंट को तुरंत सस्पेंड कर देते थे और व्हाट्सएप ग्रुप डिलीट कर देते थे।

See More: रैंक लिस्ट में नाम फिर भी नौकरी नहीं, केरल में अभ्यर्थियों ने घास-मिट्टी खाकर जताया विरोध

Get real time updates directly on you device, subscribe now.