जमीन नापने पहुंचे लेखपाल ने पूछी जाति, फिर SC-ST एक्ट की दी धमकी, हरदोई में गरमाया मामला

Hardoi News: हरदोई के सखौरा गांव में जमीन की पैमाइश के दौरान राजस्व टीम की कार्रवाई का वीडियो वायरल होने के बाद मामला गरमा गया है। वीडियो को लेकर आरोप है कि पैमाइश के दौरान लेखपाल ने एक युवक से उसकी जाति पूछी। युवक के खुद को ब्राह्मण बताने के बाद दूसरे पक्ष की जाति पूछी गई। अनुसूचित जाति (SC) से होने की जानकारी सामने आने पर युवक को एससी-एसटी एक्ट (SC-ST Act) में फंसाने की धमकी देने का आरोप लगाया गया है।

मामला सदर तहसील क्षेत्र के टड़ियावां थाना इलाके के सखौरा गांव का है। माजरा बेहटी निवासी रामसागर पासी ने पट्टे में मिली जमीन पर कब्जे और पैमाइश के लिए तहसील में आवेदन किया था। इसके बाद नायब तहसीलदार के नेतृत्व में राजस्व टीम गांव पहुंची। टीम में स्थानीय लेखपाल कौशल यादव, दूसरे क्षेत्र के लेखपाल आलोक त्रिपाठी और पुलिस बल शामिल था।

जमीन और पेड़ को लेकर विवाद

इसी दौरान संतोष कुमार पांडे के बेटे गौरव पांडे ने संबंधित जमीन पर अपना दावा बताते हुए पूरी भूमि की पैमाइश कराने की मांग की। गौरव का कहना है कि करीब 30 साल पहले उनके बाबा गया प्रसाद पांडे के नाम तीन-चार बीघे सरकारी जमीन का पट्टा हुआ था। परिवार ने जमीन साफ कराकर पेड़ लगाए और लंबे समय से खेती करता आ रहा है।

गौरव का आरोप है कि पूरी जमीन की पैमाइश किए बिना ही खेत में लगे पेड़ों को हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई। इसी दौरान हुई बातचीत का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल (Hardoi Lekhpal Viral Video) है। गौरव का कहना है कि लेखपाल आलोक त्रिपाठी ने उनकी जाति पूछी और दूसरे पक्ष की जाति सामने आने के बाद एससी-एसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने की धमकी दी।

परिवार ने आम के पेड़ उखाड़े जाने और उनकी गैरमौजूदगी में नापजोख किए जाने का भी आरोप लगाया है। गौरव के चाचा शांति स्वरूप पांडे ने निष्पक्ष कार्रवाई और जमीन वापस दिलाने की मांग की है।

प्रशासन ने माना, टिप्पणी अनुचित थी

वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन ने मामले का संज्ञान लिया। सदर एसडीएम मयंक कुंडू ने बताया कि राजस्व टीम भूमि विवाद की जांच और पैमाइश के लिए गई थी। पैमाइश में दोनों पक्षों के क्षेत्रफल में ओवरलैपिंग मिली। उन्होंने कहा कि इसी दौरान लेखपाल की ओर से एससी-एसटी एक्ट को लेकर की गई टिप्पणी अनुचित थी।

मामले की जांच तहसीलदार सदर को सौंपी गई है और दो दिन में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट के आधार पर संबंधित लेखपाल के खिलाफ विधिक और विभागीय कार्रवाई तय होगी।

वहीं, वीडियो (Hardoi Lekhpal Viral Video) में धमकी देने के आरोपी लेखपाल आलोक त्रिपाठी ने आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि उन्होंने दोनों पक्षों को विवाद से बचने और कागजों के आधार पर अपना पक्ष रखने की बात कही थी। उन्होंने किसी को धमकी देने से साफ इनकार किया है। अब तहसीलदार की जांच रिपोर्ट से पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट होगी।

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