Lucknow News: ‘हलाल रोज़ी-रोटी कमाएं और सूद से बचें’, मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली का आह्वान
Lucknow News: इंस्टीट्यूट फॉर सोशल हार्मनी एंड अपलिफ्टमेंट (आईएसएचयू) के तत्वावधान में मंगलवार को ऐशबाग स्थित इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया में अल-खैर कोऑपरेटिव क्रेडिट सोसाइटी लिमिटेड का एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में समाज को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने, ब्याज (सूद) आधारित व्यवस्था से बचने और ब्याज-मुक्त वित्तीय प्रणाली को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने कहा कि इस्लाम में सच्चे और ईमानदार व्यापारी का दर्जा बहुत ऊंचा है।
उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को अपने और अपने परिवार के लिए हलाल रोज़ी-रोटी का इंतजाम करना चाहिए और हर संभव प्रयास करना चाहिए कि उसकी आय ब्याज (सूद) से मुक्त हो।
उन्होंने कहा कि कुरआन और हदीस में सूद से बचने की स्पष्ट हिदायत दी गई है। जितना समाज ब्याज से दूर रहेगा, उतनी ही जीवन में बरकत आएगी।
उन्होंने व्यापार में ईमानदारी को सबसे बड़ी पूंजी बताते हुए हजरत खदीजा (रज़ि.) और पैगंबर हजरत मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) के व्यापारिक जीवन का उदाहरण भी प्रस्तुत किया।

नैर फातमी को मिला ‘सोशल अपलिफ्टमेंट अवार्ड’
कार्यक्रम के दौरान समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के उत्थान में योगदान के लिए अल-खैर कोऑपरेटिव क्रेडिट सोसाइटी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक नैर फातमी को ‘सोशल अपलिफ्टमेंट अवार्ड’ से सम्मानित किया गया।
चार राज्यों में फैला है संस्था का नेटवर्क
मुख्य अतिथि नैर फातमी ने कहा कि अल-खैर कोऑपरेटिव क्रेडिट सोसाइटी एक ब्याज-मुक्त सहकारी संस्था है, जिसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्गों को आत्मनिर्भर बनाना है।
उन्होंने बताया कि संस्था लोगों में बचत की आदत विकसित करने के साथ जरूरत के समय बिना ब्याज के वित्तीय सहायता उपलब्ध कराती है।
उन्होंने बताया कि संस्था की सेवाओं का लाभ केवल मुस्लिम समुदाय ही नहीं, बल्कि बड़ी संख्या में गैर-मुस्लिम भी उठा रहे हैं।
वर्तमान में संस्था का नेटवर्क उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और दिल्ली सहित चार राज्यों में संचालित है और हजारों लोगों को छोटे-बड़े व्यवसाय शुरू करने एवं बढ़ाने में सहायता प्रदान की जा चुकी है।
समाज को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने पर जोर
विशिष्ट अतिथि एवं आईएसएचयू के वरिष्ठ उपाध्यक्ष मुईद अहमद ने कहा कि कम लाभ में भी सफल व्यवसाय किया जा सकता है और अल-खैर की योजनाएं इसका बेहतर उदाहरण हैं।
वहीं, मुख्य वक्ता डॉ. तारिक सिद्दीकी ने कहा कि संस्था गरीबों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य कर रही है और समाज को इससे जुड़कर लाभ उठाना चाहिए।
कार्यक्रम का संचालन आईएसएचयू के महासचिव मोहम्मद खालिद ने किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम समाज में आर्थिक जागरूकता बढ़ाने और आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम में शहर के उलेमा, बुद्धिजीवी, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

