दिल्ली-नोएडा नहीं, UP में है दुनिया का सबसे ज्यादा प्रदूषित शहर, प्रदूषित देशों में टॉप 10 में भारत
Sandesh Wahak Digital Desk: प्रदूषण के मामले में भारत की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। दुनिया के 5 सबसे प्रदूषित शहरों (Polluted City) में से 3 शहर भारत के हैं, जबकि टॉप 50 में 29 शहर अकेले भारत के शामिल हैं। ताजा रिपोर्ट के अनुसार, साल 2025 में दिल्ली दुनिया का चौथा सबसे प्रदूषित शहर और सबसे प्रदूषित राजधानी रही है। हालांकि राहत की बात यह है कि सबसे प्रदूषित देशों की सूची में भारत टॉप 5 से बाहर हो गया है।
दिल्ली में सुरक्षित सीमा से कई गुना अधिक स्तर
दिल्ली का सालाना औसत PM2.5 स्तर 99.6µg/m³ दर्ज किया गया, जो विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा तय सुरक्षित सीमा से करीब 20 गुना अधिक है। स्विस एयर क्वालिटी टेक्नोलॉजी कंपनी IQAir की ओर से जारी ‘वर्ल्ड एयर क्वालिटी रिपोर्ट 2025’ के अनुसार यह आंकड़े सामने आए हैं।
लोनी बना दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर
उत्तर प्रदेश के लोनी शहर को इस रिपोर्ट में दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर बताया गया है, जहां सालाना औसत PM2.5 स्तर 112.5µg/m³ दर्ज किया गया। यह स्तर 2024 की तुलना में करीब 23 प्रतिशत अधिक है और WHO के दिशा-निर्देश से 22 गुना ज्यादा है। लोनी के बाद चीन का होटन और मेघालय का बिरनीहाट दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे हैं।
नई दिल्ली सबसे प्रदूषित राजधानी
रिपोर्ट में नई दिल्ली और पूरे दिल्ली क्षेत्र के बीच अंतर किया गया है। इसके अनुसार नई दिल्ली 82.2µg/m³ के PM2.5 स्तर के साथ दुनिया की सबसे प्रदूषित राजधानी रही। इसके बाद बांग्लादेश की राजधानी ढाका और ताजिकिस्तान का दुशांबे का स्थान रहा।
भारत छठा सबसे प्रदूषित देश
रिपोर्ट के मुताबिक भारत दुनिया का छठा सबसे प्रदूषित देश रहा, जहां PM2.5 का औसत स्तर 48.9µg/m³ दर्ज किया गया। इससे पहले 2024 में भारत पांचवें स्थान पर था और तब यह औसत 50.6µg/m³ था। इस प्रकार 2025 में राष्ट्रीय औसत स्तर में लगभग 3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है, जो मामूली सुधार का संकेत देती है।
दुनिया के सबसे प्रदूषित देशों की सूची
रिपोर्ट में बताया गया है कि दुनिया के सबसे प्रदूषित देशों में पाकिस्तान, बांग्लादेश, ताजिकिस्तान, चाड और डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो शीर्ष पर हैं। इन देशों में PM2.5 का स्तर काफी अधिक दर्ज किया गया है, जो वैश्विक स्तर पर प्रदूषण की गंभीरता को दर्शाता है।
दिल्ली में थोड़ी राहत
हालांकि दिल्ली के वार्षिक औसत PM2.5 स्तर में लगभग 8 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है, फिर भी यह शहर स्मॉग और धूल भरी आंधियों की वजह से गंभीर प्रदूषण की समस्या से जूझ रहा है। ऐसे में साफ है कि सुधार के बावजूद स्थिति अभी भी चिंताजनक बनी हुई है और इससे निपटने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है।
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