PNG कनेक्शन वालों की बंद होगी LPG सप्लाई, सरकार ने जारी किया आदेश

Sandesh Wahak Digital Desk: अगर आपके इलाके में पाइप वाली नेचुरल गैस (PNG) की सुविधा उपलब्ध है, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है। सरकार ने एक नया आदेश जारी किया है जिसके तहत उन घरों में एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई बंद कर दी जाएगी जहाँ पीएनजी का विकल्प मौजूद है। इस कदम का मकसद देश में गैस नेटवर्क को बढ़ावा देना और सिलेंडरों पर निर्भरता कम करना है।

क्या है सरकार का नया 3 महीने वाला नियम

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा जारी ‘आदेश 2026’ के अनुसार, जिन इलाकों में पीएनजी कनेक्टिविटी उपलब्ध है, वहाँ के उपभोक्ताओं को 3 महीने के भीतर पीएनजी में स्विच करना होगा। यदि तकनीकी रूप से पीएनजी कनेक्शन संभव है और उपभोक्ता फिर भी इसे नहीं लेता, तो 3 महीने बाद उसके घर एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी रोक दी जाएगी। अगर किसी कारणवश आपके घर तक पीएनजी पाइपलाइन पहुँचाना मुमकिन नहीं है, तो विभाग आपको NOC (अनापत्ति प्रमाणपत्र) देगा। ऐसी स्थिति में आपकी एलपीजी सप्लाई पहले की तरह जारी रहेगी। इस फैसले के पीछे मुख्य रूप से दो बड़े कारण हैं।

एलपीजी की कमी: पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध और अंतरराष्ट्रीय सप्लाई में बाधाओं के कारण देश में एलपीजी की किल्लत बनी हुई है। सरकार चाहती है कि सिलेंडर की सप्लाई उन दूर-दराज के इलाकों में की जाए जहाँ पाइपलाइन बिछाना संभव नहीं है।

ईंधन विविधीकरण: सरकार चाहती है कि लोग धीरे-धीरे सिलेंडरों के झंझट से मुक्त होकर सीधे पाइपलाइन वाली सुरक्षित और सुलभ गैस की ओर बढ़ें। तेल सचिव नीरज मित्तल ने इसे संकट को अवसर में बदलना बताया है।

आदेश की कुछ खास बातें

तेजी से काम: अब आवासीय क्षेत्रों में पीएनजी कनेक्टिविटी के लिए अनुमति मात्र 3 दिनों में मिलेगी और कनेक्शन 48 घंटे के भीतर उपलब्ध कराया जाएगा।

देरी पर जुर्माना: पाइपलाइन बिछाने वाली कंपनियों को अनुमति मिलने के 4 महीने के भीतर काम पूरा करना होगा, वरना उन पर जुर्माना लगाया जा सकता है।

एक ही ईंधन: अब एलपीजी सिलेंडर केवल उन्हीं घरों तक सीमित रहेगा जहाँ तकनीकी कारणों से पीएनजी नहीं पहुँच सकती।

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