Lucknow News: लोक निर्माण विभाग के अफसरों की मनमानी से आउटसोर्स कर्मियों में उबाल, आंदोलन की चेतावनी
Lucknow News: उत्तर प्रदेश आउटसोर्स कॉर्पोरेशन के गठन के बाद राज्य सरकार द्वारा विभिन्न विभागों में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों का ब्योरा लगातार मांगा जा रहा है। प्रदेश में इस समय करीब 3.50 लाख से अधिक आउटसोर्स कर्मी कार्यरत हैं। हालांकि, उत्तर प्रदेश लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों पर विभागीय सूचनाओं में लीपापोती करने का गंभीर आरोप लगा है। दशकों से सेवा दे रहे कर्मचारियों को महज 1-2 महीने पुराना बताकर शासन को रिपोर्ट भेजी जा रही है, जिससे कर्मचारियों में भारी आक्रोश है और वे बड़े आंदोलन की रणनीति बना रहे हैं।
2003 से कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटर की सेवा दिखा दी 2 महीने
उत्तर प्रदेश लोक निर्माण विभाग श्रमिक संघ के प्रांतीय महामंत्री राम भजन मौर्य ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर अधिकारियों के इस कृत्य की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश आउटसोर्स कॉर्पोरेशन बनने से कर्मचारियों के हित सुरक्षित होंगे और उन्हें बिचौलियों व दलालों के शोषण से मुक्ति मिलेगी। लेकिन सरकार की इस कल्याणकारी मंशा के विपरीत पीडब्ल्यूडी के जिम्मेदार अधिकारी सालों से कार्यरत कर्मचारियों की वरिष्ठता पर पानी फेर रहे हैं। वर्ष 2003 से लगातार काम कर रहे कंप्यूटर ऑपरेटरों तक की सेवा को कागजों में महज दो माह पूर्व से कार्यरत दर्ज कराया जा रहा है।
EPF और ESI फंड में घोटाले की साजिश का आरोप
श्रमिक संघ के प्रांतीय महामंत्री ने आउटसोर्स कर्मियों से मिली शिकायतों के हवाले से बताया कि आउटसोर्सिंग एजेंसियों और विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से बड़ा खेल खेला जा रहा है। कर्मचारियों के पीएफ (EPF) और ईएसआई (ESI) का पैसा उनके खातों में जमा नहीं किया जा रहा है। ठेकेदार और आपूर्ति एजेंसियां कर्मचारियों का हक हड़पने के लिए फर्जीवाड़ा कर रही हैं, जिस पर विभागीय अफसर आंखें मूंदे बैठे हैं।
जल्द बैठक कर सड़क पर उतरने की तैयारी
पीडब्ल्यूडी में कंप्यूटर ऑपरेटर, हेल्पर, वायरमैन, पंप ऑपरेटर, लिफ्ट ऑपरेटर, प्लंबर और बेलदार के रूप में हजारों कर्मी लंबे समय से सेवाएं दे रहे हैं। संघ का कहना है कि कर्मचारियों के साथ हो रहे इस अन्याय के खिलाफ जल्द ही प्रांतीय स्तर पर बैठक बुलाई जाएगी। यदि शासन को भेजी जा रही फर्जी रिपोर्ट को तुरंत सुधारा नहीं गया और ईपीएफ-ईएसआई का बकाया जमा नहीं हुआ, तो संगठन जोरदार विरोध दर्ज कराते हुए सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगा।
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