PNC इन्फ्राटेक पर NHAI के बाद LDA सख्त, 194 करोड़ के प्रोजेक्ट से डिबार करने की तैयारी
LDA Notice to PNC Infratech: लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे में सामने आई निर्माण संबंधी खामियों के बाद PNC इन्फ्राटेक की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। NHAI की ओर से कंपनी पर तीन साल के डिबारमेंट की कार्रवाई के बाद अब लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने भी कंपनी को नोटिस जारी किया है।
LDA ने 18 सितंबर को जारी नोटिस में PNC से पूछा है कि उसे लखनऊ में ग्रीन कॉरिडोर से जुड़े करीब 194.40 करोड़ रुपये के फ्लाईओवर प्रोजेक्ट से भी डिबार क्यों न किया जाए। यह मामला शहीद पथ को ग्रीन कॉरिडोर से जोड़ने के लिए प्रस्तावित फ्लाईओवर के ठेके से जुड़ा है।
194 करोड़ में मिला था फ्लाईओवर का ठेका
LDA ने शहीद पथ इंटरसेक्शन पर गोमती नदी के दाहिने किनारे चार लेन के फ्लाईओवर, लूप और रैंप के निर्माण के लिए करीब 215.65 करोड़ रुपये की निविदा जारी की थी। परियोजना को दो साल में पूरा किया जाना है।
तकनीकी बिड में PNC Infratech, GR Infra Projects, HG Infra Engineering और NCC लिमिटेड समेत कई कंपनियां शामिल हुई थीं। वित्तीय बोली में PNC ने 194.40 करोड़ रुपये की सबसे कम बोली लगाई और L-1 रही। इसके बाद LDA ने 27 मई को कंपनी के पक्ष में Letter of Acceptance (LOA) जारी किया था।
PNC की बोली अनुमानित लागत से करीब 9.86 प्रतिशत कम थी। LDA के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के मुताबिक, LOA जारी किए जाने के समय कंपनी के खिलाफ कोई विवाद सामने नहीं था और टेंडर प्रक्रिया निर्धारित नियमों के तहत पारदर्शी तरीके से पूरी की गई थी।
NHAI की कार्रवाई के बाद LDA का नोटिस
दरअसल, लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के कुछ हिस्सों में उद्घाटन के कुछ ही समय बाद निर्माण संबंधी खामियां और सड़क धंसने जैसी समस्याएं सामने आई थीं। इसके बाद NHAI ने PNC Infratech के खिलाफ तीन साल का डिबारमेंट लगाया, जिसके तहत कंपनी NHAI, MoRTH और उनकी एजेंसियों की नई बोलियों में हिस्सा नहीं ले सकेगी। कंपनी ने इस मामले में कानूनी विकल्पों पर विचार करने की बात कही है।
LDA का ताजा नोटिस इसी घटनाक्रम के बाद आया है। अब कंपनी के जवाब के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
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