LU फीस वृद्धि विवाद में सियासी एंट्री, छात्रों से मिले अवधेश प्रसाद और पीएल पुनिया
Lucknow News: लखनऊ विश्वविद्यालय (LU) में फीस वृद्धि, कथित वित्तीय अनियमितताओं और छात्रों के निष्कासन को लेकर चल रहे आंदोलन को शनिवार को राजनीतिक समर्थन मिल गया। अयोध्या से सांसद Awadhesh Prasad और पूर्व सांसद P. L. Punia धरनास्थल पर पहुंचे और आंदोलनरत छात्रों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं।
दोनों नेताओं ने छात्रों के खिलाफ दर्ज FIR और निष्कासन की कार्रवाई पर चिंता जताते हुए कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगें रखने वाले छात्रों के साथ दंडात्मक रवैया अपनाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन को छात्रों की बात सुनकर संवाद के जरिए समाधान निकालना चाहिए।
‘छात्रों की आवाज दबाने के बजाय जवाब दे प्रशासन’
छात्रों ने नेताओं के सामने फीस वृद्धि, कथित वित्तीय अनियमितताओं और निष्कासित छात्रों से जुड़े मुद्दे विस्तार से रखे। उनका कहना था कि वे लंबे समय से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें उठा रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं के समाधान के बजाय उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
इस पर अवधेश प्रसाद और पीएल पुनिया ने कहा कि विश्वविद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों और संवाद की भी महत्वपूर्ण जगह होते हैं। यदि छात्र किसी फैसले पर सवाल उठा रहे हैं तो उन्हें जवाब मिलना चाहिए, न कि कार्रवाई का सामना करना पड़े।
मांगों को उठाने का दिया भरोसा

दोनों नेताओं ने छात्रों को आश्वस्त किया कि उनकी मांगों और समस्याओं को संबंधित स्तर पर मजबूती से उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा संस्थानों में भय और प्रतिशोध का माहौल नहीं, बल्कि न्याय, संवेदनशीलता और संवाद की संस्कृति होनी चाहिए।
नेताओं ने छात्रों के संवैधानिक अधिकारों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का समर्थन करते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन से निष्कासन जैसी कार्रवाई पर पुनर्विचार करने की भी मांग की।

