रिकार्ड बारिश ने खोली लखनऊ की व्यवस्था की पोल, घरों में घुसा पानी, करोड़ों का ड्रेनेज बेकार
Lucknow Rain: राजधानी लखनऊ में रविवार तड़के हुई तेज बारिश ने शहर की ड्रेनेज व्यवस्था (Drainage System) और नाला सफाई के दावों की पोल खोल दी। सीजन की सबसे ज्यादा बारिश के बाद कई इलाकों में सड़कें तालाब बन गईं और घरों-दुकानों तक पानी पहुंच गया।
शंकरपुरवा, जानकीपुरम, इंदिरा नगर, महानगर और भूतनाथ बाजार समेत कई इलाकों में हालात बिगड़ गए। कहीं घरों में फर्नीचर और इलेक्ट्रॉनिक सामान डूब गया तो कहीं दुकानों में रखा लाखों रुपये का सामान खराब हो गया। कई जगह वाहन भी पानी में फंसे नजर आए।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक उत्तर-पश्चिम और दक्षिण-पूर्व यूपी के ऊपर चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है। वहीं बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र भी मजबूत हो रहा है। इन मौसमी परिस्थितियों के कारण यूपी में मानसून सक्रिय है और कई इलाकों में भारी बारिश हो रही है।
शंकरपुरवा से जानकीपुरम तक घरों में घुसा पानी
Lucknow के शंकरपुरवा द्वितीय वार्ड के आलोक दुबे रोड पर घुटनों तक पानी भर गया। बारिश का पानी कई घरों में घुसने से फर्नीचर, राशन और इलेक्ट्रॉनिक सामान खराब हो गया। स्थानीय लोगों के मुताबिक कुछ परिवारों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।
जानकीपुरम के सेक्टर-डी समेत कई इलाकों में भी लोग घरों में कैद रहे। जियो पार्क और डीएस कॉलोनी चारों तरफ से पानी से घिर गई। कई गाड़ियों के अंदर तक पानी पहुंच गया, जिससे आवाजाही और जरूरी सामान की आपूर्ति प्रभावित हुई।
इंदिरा नगर के भूतनाथ बाजार में दुकानों के भीतर पानी घुसने से व्यापारियों को नुकसान हुआ। वहीं कुर्सी रोड, लालकुआं के गांधीनगर और आसपास के इलाकों में भी जलभराव और सीवर के गंदे पानी ने लोगों की मुश्किल बढ़ा दी।
करोड़ों की ड्रेनेज परियोजना पर उठे सवाल
वही Lucknow के इंदिरा नगर के सेक्टर-7 के सी और डी ब्लॉक में बारिश के बाद जलभराव ने हाल में बनाई गई वर्षा जल निकासी परियोजना पर सवाल खड़े कर दिए। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नाले और नालियां तो बनाई गईं, लेकिन सही ढलान (Slope) और पानी के सुचारु प्रवाह का ध्यान नहीं रखा गया।
C-230 से C-440 तक कई मकानों में पानी भर गया। लोगों को रातभर घरेलू सामान बचाने की कोशिश करनी पड़ी। स्थानीय लोगों का कहना है कि नाले और पुलियों की पर्याप्त सफाई न होने से पानी की निकासी प्रभावित हो रही है।
महानगर सचिवालय कॉलोनी में भी माउंट कार्मल स्कूल के पास करीब 10 सी-टाइप मकानों में नाले का गंदा पानी घुस गया। लोगों के मुताबिक यहां नाले का निर्माण करीब आठ महीने से चल रहा है, लेकिन अब तक पूरा नहीं हुआ है।
नाला सफाई के दावों पर भी घिरे सवाल
संजय गांधीपुरम क्षेत्र का भी बारिश के बाद बुरा हाल रहा। कुछ दिन पहले वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने यहां निरीक्षण कर नाले-नालियों की सफाई के निर्देश दिए थे, लेकिन बारिश के बाद फिर जलभराव हो गया।
Lucknow के अलग-अलग इलाकों से सामने आई तस्वीरों के बाद नगर निगम लखनऊ की नाला सफाई और जल निकासी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि हर साल सफाई और ड्रेनेज पर करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद बारिश आते ही वही समस्या दोबारा खड़ी हो जाती है।
लोगों ने पूरे Drainage System की तकनीकी जांच कराने, जल निकासी की कमियों को दूर करने और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है। बारिश के बाद नगर निगम के अधिकारी कई इलाकों में निरीक्षण के लिए पहुंचे, लेकिन लोगों का कहना है कि उन्हें तत्काल और स्थायी राहत की जरूरत है।

