राम मंदिर में दान चोरी का मामला: 70 से ज्यादा घटनाएं, SIT रिपोर्ट में लापरवाही उजागर
Ram Mandir Donation Scam: अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे और दान की चोरी की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) की शुरुआती रिपोर्ट सामने आ गई है। नौ पन्नों की इस रिपोर्ट में मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी और नकदी गिनती की प्रक्रिया में गंभीर लापरवाहियों का खुलासा हुआ है। SIT का साफ कहना है कि यदि तय नियमों का समय पर पालन किया गया होता, तो चोरी की बड़ी घटनाओं को रोका जा सकता था।
सीसीटीवी से 70 चोरी की घटनाएं सामने
SIT ने सीसीटीवी फुटेज की जांच में कम से कम 70 चोरी की वारदातें पकड़ी हैं। कैमरे लगे होने के बावजूद लाइव मॉनिटरिंग नहीं हो रही थी। नियमों के अनुसार 180 दिनों का बैकअप होना चाहिए था, लेकिन केवल 27 अप्रैल से 6 जून तक, यानी 45 दिनों का ही रिकॉर्ड मिला।
इसी अवधि में चोरी के कई मामले दर्ज हुए। फुटेज में कुछ कर्मचारी नोटों की गड्डियां कपड़ों, जेबों और जूतों में छिपाते दिखे, जबकि अन्य कर्मचारी उनकी मदद करते नजर आए।
अधिकारियों की ढिलाई और अपनों पर भरोसा
रिपोर्ट के अनुसार, दान पेटियों की चाबियां और आवाजाही ऐसे लोगों को दी गई जिनके पास कोई लिखित आदेश नहीं था। मुख्य आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू को पूर्व महासचिव चंपत राय का करीबी बताया गया है। दान पेटी खोलने और गिनती के प्रभारी सुभाष श्रीवास्तव पर भी लापरवाही के आरोप हैं।
सितंबर 2024 में बने सख्त नियमों के तहत हर कर्मचारी की तलाशी होती थी। लेकिन 6 फरवरी 2025 को नई गाइडलाइन जारी कर तलाशी को “कभी-कभार” तक सीमित कर दिया गया। SIT ने सवाल उठाया है कि ये नियम किसके कहने पर बदले गए। रिपोर्ट में पूर्व ट्रस्टी अनिल मिश्रा की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं।

