इन 3 शर्तों के साथ अनशन खत्म करने को तैयार है सोनम वांगचुक, सफदरजंग अस्पताल से लिखा पत्र

Sonam Wangchuk Hunger Strike: करीब 20 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अब अपना अनशन खत्म करने के संकेत दिए हैं। सफदरजंग अस्पताल से सांसदों के नाम लिखे एक पत्र में उन्होंने तीन अहम शर्तें रखी हैं। वांगचुक ने कहा है कि यदि इन मांगों पर राजनीतिक दलों की ओर से भरोसा दिया जाता है, तो वह 20 जुलाई को अपना अनशन समाप्त कर सकते हैं।

यह पत्र ऐसे समय सामने आया है, जब संसद का मॉनसून सत्र शुरू होने वाला है और CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) की ओर से ‘चलो संसद’ मार्च की तैयारी भी चल रही है।

अस्पताल से लिखा पत्र, हिरासत में होने का लगाया आरोप

19 जुलाई की तारीख वाले पत्र में सोनम वांगचुक ने लिखा कि वह सफदरजंग अस्पताल में “अवैध हिरासत” से यह पत्र लिख रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल में उनकी गतिविधियों, भाषण और लोगों से बातचीत पर रोक लगाई गई है।

उन्होंने कहा कि कई लोग लगातार उनसे पूछ रहे हैं कि वह अनशन कब खत्म करेंगे। ऐसे में उन्होंने स्पष्ट किया कि कुछ शर्तें पूरी होने पर ही वह अपना आमरण अनशन समाप्त करेंगे।

इन तीन शर्तों पर खत्म होगा अनशन

सोनम वांगचुक ने अपने पत्र में कहा कि वे इन शर्तों के पूरा होने पर अनशन समाप्त करने को तैयार हैं –

  1. संसद के मॉनसून सत्र में शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही और परीक्षा सुधार का मुद्दा प्रमुखता से उठाया जाए।
  2. विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसद और नेता उन्हें लिखित या सार्वजनिक रूप से भरोसा दें कि इस मुद्दे को संसद में उठाया जाएगा।
  3. यदि स्वास्थ्य कारणों से वह जंतर-मंतर नहीं पहुंच सकते, तो सांसद और अलग-अलग दलों के नेता अस्पताल आकर उनसे मुलाकात करें और आश्वासन दें।

पत्नी ने भी दोहराई मांग

एक दिन पहले वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंग्मो ने भी यही शर्तें सामने रखी थीं। उन्होंने कहा था कि यदि राजनीतिक दलों के नेता अस्पताल पहुंचकर भरोसा दिलाते हैं कि मॉनसून सत्र में शिक्षा क्षेत्र में जवाबदेही और परीक्षा सुधार का मुद्दा उठाया जाएगा, तो सोनम वांगचुक सोमवार को अपना अनशन समाप्त कर देंगे।

उन्होंने समर्थकों से अपील की कि प्रस्तावित ‘चलो संसद’ मार्च पूरी तरह शांतिपूर्ण और अनुशासित रहे तथा किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति न बनने दी जाए।

कैसी है सोनम वांगचुक की तबीयत?

गीतांजलि आंग्मो ने बताया कि सोनम वांगचुक की हालत फिलहाल स्थिर है और डॉक्टर लगातार उनकी निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने वांगचुक को निजी अस्पताल में स्थानांतरित कराने की कोशिश की थी, लेकिन अदालत से इसकी अनुमति नहीं मिल सकी।

‘चलो संसद’ मार्च से पहले बड़ा दावा

CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने दावा किया कि प्रस्तावित ‘चलो संसद’ मार्च से पहले ही जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में करीब 20 हजार समर्थक पहुंच चुके हैं। उन्होंने कहा कि अब शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करने का समय आ गया है।

Also Read: अनशन के दूसरे दिन टूटने लगी हिम्मत, जंतर-मंतर पर बोले अभिजीत दीपके- अब समझ आया भूख हड़ताल कितनी मुश्किल

Get real time updates directly on you device, subscribe now.