Prayagraj News: STF ने ITI में सॉल्वर गैंग का किया पर्दाफाश, प्रिंसिपल, परीक्षा प्रभारी और 5 अनुदेशक समेत 11 गिरफ्तार

Prayagraj News: उत्तर प्रदेश विशेष कार्य बल (STF) ने प्रयागराज के नैनी स्थित राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI) में चल रही अखिल भारतीय व्यावसायिक परीक्षा में फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ किया है। एसटीएफ की फील्ड इकाई ने छापेमारी कर वास्तविक छात्रों की जगह परीक्षा दे रहे 5 सॉल्वरों, संस्थान के प्रधानाचार्य (प्रिंसिपल), परीक्षा प्रभारी और 4 अनुदेशकों (Instructors) को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।

4,000 प्रति छात्र की दर से तय होती थी सेटिंग

एसटीएफ को लगातार मुखबिर से सूचना मिल रही थी कि 11 जुलाई से 8 अगस्त, 2026 तक तीन पालियों में आयोजित हो रही सीबीटी (कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट) परीक्षा में भारी गड़बड़ी की जा रही है। कमजोर छात्रों से प्रति कैंडिडेट 4,000 रुपये वसूले जाते थे। इसके एवज में उन्हें अलग लैब में बिठाकर उनकी जगह भाड़े के सॉल्वर परीक्षा में बिठाए जाते थे। सॉल्वरों को प्रति पेपर मात्र 500 रुपये दिए जाते थे, जबकि बाकी बची मोटी रकम प्रिंसिपल, परीक्षा प्रभारी और अनुदेशकों में बांट ली जाती थी।

ऐसे काम करता था धांधली का पूरा नेटवर्क

पूर्व में नैनी ITI में तैनात और वर्तमान में बांदा ITI में कार्यरत अनुदेशक धीरंजन इस पूरे सिंडिकेट का मुख्य सूत्रधार था। वह वाट्सऐप कॉल के जरिए नैनी आईटीआई के अनुदेशक फूल प्रकाश, धीरज और राजकुमार मौर्या के संपर्क में रहता था। अनुदेशक धीरज कंप्यूटर का सीटिंग प्लान और डेटा फीडिंग संभालता था। वह सॉल्वरों के लिए अलग कमरे और कंप्यूटर सिस्टम का इंतजाम करता था। सॉल्वर असली परीक्षार्थी के एडमिट कार्ड के रोल नंबर और जन्मतिथि (DoB) का इस्तेमाल कर कंप्यूटर लॉग-इन करते थे और पूरा पेपर हल करके लॉग-आउट कर देते थे।

छापेमारी में गिरफ्तार किए गए आरोपी

एसटीएफ टीम ने नैनी आईटीआई परिसर स्थित कौशल विकास बिल्डिंग में तीसरी पाली की परीक्षा के दौरान दबिश देकर अशोक कुमार (प्रिंसिपल, ITI नैनी), रवि प्रकाश (कार्यदेशक/परीक्षा प्रभारी), फूल प्रकाश (अनुदेशक), धीरज कुमार शर्मा (अनुदेशक), राजेश कुमार (अनुदेशक), राजकुमार मौर्या (अनुदेशक), शिवम कुमार (सॉल्वर), रणविजय सिंह (सॉल्वर), जय सिंह (सॉल्वर), जितेन्द्र पटेल (सॉल्वर) और दिलीप कुमार पटेल (सॉल्वर) को गिरफ्तार किया है। वहीं मुख्य साजिशकर्ता अनुदेशक धीरंजन की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।

पुलिस ने आरोपियों के पास से 5 कंप्यूटर मॉनिटर, 5 सीपीयू, 5 की-बोर्ड, 5 माउस, 6 एंड्रॉइड मोबाइल, 1 पेन ड्राइव, परीक्षा से संबंधित 67 पन्नों के दस्तावेज, 5 एडमिट कार्ड की छायाप्रति, एटीएम/पैन/पहचान पत्र और 16,370 रुपये नगद बरामद किए हैं। गिरफ्तार सभी आरोपियों के खिलाफ थाना नैनी (कमिश्नरेट प्रयागराज) में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं और उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम-2024 के तहत मुकदमा दर्ज कर अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

Also Read: भारतीय हॉकी टीम की भगवा जर्सी पर विवाद, पूर्व कप्तान ने हॉकी इंडिया के फैसले पर उठाए सवाल

Get real time updates directly on you device, subscribe now.