मुंह रहता है सूखा, लार भी बनती है कम, थायरॉइड से हो सकता है इसका कनेक्शन
Thyroid Dry Mouth: मुंह को स्वस्थ रखने में लार की अहम भूमिका होती है। यह भोजन चबाने और निगलने में मदद करती है। साथ ही इसमें मौजूद एंजाइम स्टार्च को तोड़ने में मदद करते हैं। लार में कैल्शियम और फॉस्फेट भी होते हैं, जो दांतों को मजबूत रखने में सहायक हैं। शरीर में थायरॉइड हार्मोन के असंतुलन का असर लार बनाने वाली ग्रंथियों पर भी पड़ सकता है। इससे मुंह में सूखापन यानी ड्राई माउथ (जेरोस्टोमिया) हो सकता है।
इन 4 वजहों से हो सकती है परेशानी
हाइपोथायरॉइडिज्म: थायरॉइड हार्मोन कम बनने पर शरीर की कई प्रक्रियाएं धीमी हो जाती हैं। इसका असर लार के उत्पादन पर भी पड़ सकता है।
हाशिमोटो थायरॉयडिटिस: यह एक ऑटोइम्यून बीमारी है, जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली थायरॉइड पर हमला करती है। इससे ड्राई माउथ की समस्या हो सकती है।

हाइपरथायरॉइडिज्म और ग्रेव्स डिजीज: थायरॉइड के ज्यादा सक्रिय होने पर शरीर में तरल पदार्थ तेजी से कम हो सकते हैं। तनाव और चिंता भी लार का उत्पादन घटा सकते हैं।
थायरॉइड कैंसर का इलाज: रेडियोएक्टिव आयोडीन से इलाज के दौरान लार ग्रंथियां प्रभावित हो सकती हैं। इससे मुंह सूखने और स्वाद कम महसूस होने जैसी समस्या हो सकती है।
कैसे कम करें ड्राई माउथ
पानी पीते रहें और नमकीन भोजन, तंबाकू, शराब, कैफीन और कार्बोनेटेड ड्रिंक्स से बचें। ओरल केयर का ध्यान रखें और शुगर-फ्री कैंडी का इस्तेमाल किया जा सकता है। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर लार बढ़ाने वाली दवा, अन्य उपचार और नियमित डेंटल चेकअप की सलाह दे सकते हैं। समस्या लगातार बनी रहे तो डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।

