काशी की विरासत से लेकर कानून-व्यवस्था तक, अखिलेश ने योगी सरकार को घेरा
Akhilesh Yadav: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मंगलवार को वाराणसी में भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने चुनावी धांधली, भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था और काशी की ऐतिहासिक विरासत की अनदेखी को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। अखिलेश ने आरोप लगाया कि भाजपा ही अराजकता की वजह है और वोटर लिस्ट में कथित गड़बड़ियों के जरिए लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर किया जा रहा है।
उन्होंने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में जनता भाजपा सरकार को सत्ता से बाहर कर देगी। अखिलेश ने कहा कि काशी की जनता सरकार की नीतियों और कामकाज से नाराज है।
गंगा सफाई, दालमंडी और मणिकर्णिका घाट का उठाया मुद्दा
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार ने दस साल में वाराणसी के लोगों, नाविकों और बुनकरों से किए वादे पूरे नहीं किए। उन्होंने गंगा सफाई के लिए आवंटित धन के इस्तेमाल पर सवाल उठाते हुए कहा कि नदी की सफाई उम्मीद के मुताबिक नहीं हुई।
उन्होंने दालमंडी में दुकानों पर बुलडोजर कार्रवाई और मणिकर्णिका घाट के स्वरूप में बदलाव का मुद्दा भी उठाया। अखिलेश ने आरोप लगाया कि सरकार ने काशी की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को नुकसान पहुंचाया है।
सपा अध्यक्ष ने कहा कि वाराणसी में जाम की समस्या अब भी बनी हुई है और भाजपा सरकार मेट्रो परियोजना शुरू नहीं कर सकी। उन्होंने वादा किया कि प्रदेश में सपा की सरकार बनने पर वाराणसी में मेट्रो रेल चलाई जाएगी और वरुणा नदी की सफाई कराई जाएगी।
पेपर लीक, स्वास्थ्य सेवाओं और महिला सुरक्षा पर भी घेरा
अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर आरक्षण में अनियमितता करने, सरकारी स्कूल बंद करने और भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक होने के आरोप लगाए। उन्होंने बांदा मेडिकल कॉलेज में नवजात शिशु को कुत्ते द्वारा नोचे जाने की घटना का जिक्र करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए।
उन्होंने पुलिस हिरासत में मौतों, हत्याओं, साइबर अपराध और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी सरकार की आलोचना की।
धार्मिक मुद्दों पर विवादित बयानों की निंदा करते हुए अखिलेश ने भगवान श्रीकृष्ण और भगवान श्रीराम से जुड़े कथित अपमानजनक बयानों पर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि समाज में सौहार्द बिगाड़ने वाली गतिविधियों पर रोक लगनी चाहिए।
वाराणसी पहुंचने पर अखिलेश ने विधान परिषद के शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में सपा प्रत्याशी लाल बिहारी यादव और आशुतोष सिन्हा को जिताने के लिए मतदाताओं का आभार जताया। उन्होंने कहा कि भाजपा को वाराणसी की दोनों सीटों पर हार का सामना करना पड़ा। उनके मुताबिक, काशी के लोग सरकार की नीतियों और कार्यशैली से खुश नहीं हैं।
मतदान के दिन राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों को मिले वेबकास्टिंग लिंक
श्याम लाल पाल ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को सौंपा ज्ञापन, 403 विधानसभा क्षेत्रों के करीब 1.70 लाख पोलिंग बूथों की वेबकास्टिंग का लिंक देने की मांग
समाजवादी पार्टी ने विधानसभा चुनाव 2027 में मतदान प्रक्रिया पर निगरानी रखने के लिए राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों को भी वेबकास्टिंग का लिंक उपलब्ध कराने की मांग की है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने इस संबंध में उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन सौंपा है।
ज्ञापन में कहा गया है कि निर्वाचन आयोग ने प्रदेश के सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों के करीब 1.70 लाख पोलिंग बूथों पर वेबकास्टिंग कराने का फैसला लिया है। इसके साथ ही मतदान केंद्रों के अंदर और बाहर सीसीटीवी कैमरे लगाने की भी व्यवस्था की गई है।
मौजूदा व्यवस्था पर सपा ने उठाए सवाल
सपा का कहना है कि अभी वेबकास्टिंग का लिंक केवल मुख्य निर्वाचन अधिकारी और जिला निर्वाचन अधिकारियों को दिया जाता है। मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों और चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों को यह सुविधा नहीं मिलती। पार्टी के मुताबिक, इस वजह से वे मतदान के दौरान होने वाली कथित गड़बड़ियों पर नजर नहीं रख पाते।
ज्ञापन में समाजवादी पार्टी ने वर्ष 2024 के नौ विधानसभा उपचुनावों और वर्ष 2025 के मिल्कीपुर उपचुनाव का भी हवाला दिया है। पार्टी ने इन चुनावों के दौरान बूथ कैप्चरिंग, फर्जी मतदान और मतदाताओं को वोट डालने से रोकने के आरोप लगाए हैं।
सपा ने एक महिला मतदाता को रिवॉल्वर दिखाकर मतदान से रोकने के कथित प्रयास का वीडियो वायरल होने का भी उल्लेख किया है। पार्टी ने मांग की है कि मतदान के दिन सभी पोलिंग बूथों की वेबकास्टिंग का लिंक मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों और चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों को भी उपलब्ध कराया जाए।
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