पुंछ में बाढ़ और भूस्खलन से 10 की मौत, हिमाचल के चंबा में भरभरा कर गिरा पहाड़
Sandesh Wahak Digital Desk: जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में लगातार जारी मूसलाधार बारिश ने आम जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में अचानक आई बाढ़ (फ्लैश फ्लड) और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है, जिसकी चपेट में आने से अब तक 10 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। इस प्राकृतिक आपदा में सबसे भीषण नुकसान सुरनकोट इलाके में हुआ है, जहाँ एक ही परिवार के छह सदस्यों सहित कुल नौ लोगों की दर्दनाक मौत हो गई।
दूसरी तरफ, हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले से भी खौफनाक तस्वीरें सामने आई हैं, जहाँ एक पूरा पहाड़ ताश के पत्तों की तरह ढहकर मुख्य सड़क पर आ गिरा। गनीमत यह रही कि भूस्खलन के वक्त वहां से कोई वाहन नहीं गुजर रहा था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। पहाड़ों पर बिगड़ते हालात को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने स्थानीय अधिकारियों से बात कर स्थिति की समीक्षा की है और प्रभावित राज्यों को केंद्र सरकार की तरफ से हर मुमकिन मदद देने का आश्वासन दिया है।
पुंछ के हवेली और मंडी में भी भारी नुकसान
पुंछ जिले में आसमान से बरसी इस आफत का असर सुरनकोट के अलावा अन्य इलाकों में भी साफ देखा जा रहा है। हवेली क्षेत्र में भी भूस्खलन के कारण एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि हुई है, जिसके बाद जिले में कुल मृतकों का आंकड़ा 10 तक पहुंच गया है। भारी बारिश और मलबे की चपेट में आने से कई मकान जमींदोज हो गए हैं। प्रारंभिक प्रशासनिक रिपोर्ट के अनुसार, कम से कम सात घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, जबकि मंडी इलाके में भी लोगों की निजी और सार्वजनिक संपत्तियों को गंभीर नुकसान पहुंचा है।
मलबे और पानी में अपनों की तलाश जारी
स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन की चिंताएं अभी कम नहीं हुई हैं। अधिकारियों का कहना है कि सुदूर और प्रभावित इलाकों से मिल रही जानकारियों के मुताबिक कुछ लोग अभी भी लापता हैं। ऐसे में मलबे को हटाए जाने के साथ ही मृतकों की संख्या में और इजाफा होने की आशंका बनी हुई है। पहाड़ों से आए पानी के कारण निचले इलाकों में जलजमाव की स्थिति बेहद गंभीर हो गई है, जिससे दर्जनों गांव टापू में तब्दील हो गए हैं।
रेस्क्यू के लिए नाव और हेलिकॉप्टरों की ली जा रही मदद
बाढ़ और लैंडस्लाइड के कारण कई मुख्य मार्ग और संपर्क सड़कें पानी में डूब चुकी हैं या मलबे से पट गई हैं, जिससे प्रभावित इलाकों का जिला मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह कट गया है। राहत और बचाव कार्य को गति देने के लिए एसडीआरएफ (SDRF), एनडीआरएफ (NDRF) और जिला प्रशासन की टीमें युद्ध स्तर पर जुटी हुई हैं। बाढ़ के पानी और मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने तथा लापता लोगों की खोजबीन के लिए अत्याधुनिक नावों और हेलिकॉप्टरों की मदद ली जा रही है ताकि समय रहते हर जिंदगानी को बचाया जा सके।
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