रामपुर से सिद्धार्थनगर तक पहुंची जौहर यूनिवर्सिटी विवाद की आंच, कांग्रेस का जिला मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन
Siddharthnagar News: उत्तर प्रदेश के रामपुर में स्थित मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय पर मंडरा रहे संकट की गूंज अब सिद्धार्थनगर जनपद में भी सुनाई देने लगी है। विश्वविद्यालय की इमारतों को अवैध बताकर उनके ध्वस्तीकरण के आदेश के खिलाफ शनिवार को कांग्रेस पार्टी ने जिला मुख्यालय पर एक विशाल और आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन की कमान कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष विश्व विजय सिंह ने संभाली, जिसमें जिले भर से बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, अग्रिम संगठनों के नेता और कार्यकर्ता एकजुट हुए।
विचारधारा अलग हो सकती है, लेकिन संस्थाओं को निशाना बनाना गलत: कांग्रेस
प्रदर्शन के दौरान आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेताओं ने उत्तर प्रदेश की वर्तमान सरकार की कार्यप्रणाली और नीतियों पर तीखा हमला बोला। वक्ताओं ने दो टूक शब्दों में कहा कि मौलाना जौहर अली विश्वविद्यालय किसी एक व्यक्ति या विशेष दल की जागीर नहीं है, बल्कि यह देश के नौनिहालों के भविष्य को संवारने वाला एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक केंद्र है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि उनकी पार्टी के विचार और नीतियां विश्वविद्यालय से जुड़े लोगों से अलग हो सकते हैं, लेकिन राजनीतिक मतभेदों के चलते शिक्षा के किसी मंदिर को जमींदोज करने का प्रयास करना एक अत्यंत संकीर्ण और गंदी मानसिकता को दर्शाता है, जिससे समाज में केवल बिखराव और विभाजन पैदा होगा।

मांगे न पूरी होने पर दी बड़े आंदोलन की चेतावनी
कांग्रेस ने सूबे की सरकार पर आरोप लगाया कि वह एक सोची-समझी रणनीति के तहत शिक्षा विरोधी मानसिकता के साथ काम कर रही है और शिक्षण संस्थानों को निशाना बना रही है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पार्टी नेताओं ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि जौहर विश्वविद्यालय के खिलाफ चल रही एकतरफा दंडात्मक कार्रवाई को तुरंत नहीं रोका गया, तो कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी और पूरे प्रदेश में लोकतांत्रिक तरीके से एक व्यापक आंदोलन की शुरुआत करेगी।

युवा और महिला कांग्रेस ने भी दिखाई ताकत
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और कलेक्ट्रेट परिसर में अपनी मांगों के समर्थन में एक प्रशासनिक अधिकारी को ज्ञापन भी सौंपा। इस मौके पर कांग्रेस के जिला अध्यक्ष, प्रांतीय पदाधिकारी, युवा कांग्रेस, महिला कांग्रेस, सेवा दल और छात्र संगठन (NSUI) के पदाधिकारियों सहित सैकड़ों की तादाद में आम कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिन्होंने इस विरोध मार्च को सफल बनाया।
रिपोर्ट- जाकिर खान
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