68,500 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों का लखनऊ में प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री आवास घेरा
UP Teacher Recruitment: लखनऊ में मंगलवार को 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने नियुक्ति की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में अभ्यर्थी शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के आवास पहुंचे और घेराव किया। करीब एक घंटे तक नारेबाजी और हंगामा चलता रहा। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। प्रदर्शन में दिव्यांग अभ्यर्थी भी शामिल थे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने की कोशिश की और कई अभ्यर्थियों को मौके से ले गई।
अभ्यर्थियों ने ‘ऐसी क्या मजबूरी है-आरक्षण की चोरी है’ और ‘पिछड़ा आयोग ने माना है-आरक्षण घोटाला है’ जैसे नारे लगाए।
2018 की भर्ती में आरक्षण का लाभ नहीं मिलने का आरोप
प्रदर्शनकारियों के मुताबिक 2018 में 68,500 सहायक शिक्षकों की भर्ती निकली थी। इसमें दिव्यांग, भूतपूर्व सैनिक, अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों को 5% की छूट का प्रावधान था। आरोप है कि इसका लाभ नहीं मिला और सामान्य अभ्यर्थियों के साथ परिणाम जारी कर दिया गया।
अभ्यर्थी अब 150 अंकों की परीक्षा में 40% यानी 60 अंक को पासिंग मानकर संशोधित चयन सूची जारी करने की मांग कर रहे हैं। सीतापुर के आशुतोष वर्मा ने कहा कि वे आठ साल से नौकरी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उनका दावा है कि राज्य और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने भी आरक्षण में गड़बड़ी पर नियमों के पालन के निर्देश दिए हैं।
ओवरएज होने की चिंता
अलीगढ़ के महाराज सिंह ने कहा कि अब ओवरएज होने का खतरा है। उनके मुताबिक नौकरी के सिर्फ 10-12 साल बचे हैं, लेकिन नियुक्ति पत्र नहीं मिला। अभ्यर्थियों का कहना है कि वे कई बार मंत्री और अधिकारियों से गुहार लगा चुके हैं। आर्थिक परेशानी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि कई उम्मीदवार कर्ज लेकर लखनऊ आते हैं और कभी-कभी स्टेशन पर रात गुजारने को मजबूर होते हैं।

