यूपी में शिक्षक तबादलों के लिए नई गाइडलाइन, इन शिक्षकों को मिलेगी वरीयता, शासन ने जारी किए निर्देश
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश सरकार ने राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों के तबादले को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। शासन द्वारा जारी आदेश के तहत दिव्यांग शिक्षकों, असाध्य बीमारी या कैंसर से प्रभावित शिक्षकों एवं उनके आश्रितों के साथ-साथ दो साल से कम सेवाकाल वाले शिक्षकों को तैनाती में प्राथमिकता दी जाएगी।
क्यों हुआ बदलाव?
हाल ही में माध्यमिक शिक्षा विभाग ने एलटी और प्रवक्ता ग्रेड के शिक्षकों को प्रधानाध्यापक के पद पर पदोन्नत किया था। हालांकि, करीब 30 फीसदी शिक्षकों ने ही नए पदों पर जॉइन किया। अधिकांश शिक्षक अपने घर के पास स्थित विद्यालयों में पदस्थापन की मांग कर रहे थे। पारिवारिक परिस्थितियों और स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए कई शिक्षकों ने अपने स्थानांतरण में संशोधन के लिए आवेदन भी दिए थे।
क्या है नई व्यवस्था?
सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देश में कहा गया है कि दिव्यांग, गंभीर बीमारी या कैंसर से प्रभावित शिक्षक (या उनके आश्रित) को उनकी पसंद के विद्यालय में पदस्थापन किया जाएगा। यदि मांगा गया विद्यालय उपलब्ध न हो, तो वरिष्ठता के आधार पर नजदीकी विद्यालय में तैनाती दी जाएगी। जिन शिक्षकों की सेवा दो साल से कम है, उन्हें भी उनकी प्राथमिकता के अनुसार स्थान दिया जाएगा।
विभाग में मचा हड़कंप
विशेष सचिव ने माध्यमिक शिक्षा निदेशक को आदेश दिया है कि नई गाइडलाइन के अनुसार ही पदस्थापन किया जाए। साथ ही उन्होंने यह भी पूछा कि निदेशालय द्वारा सूची शासन को भेजे जाने के बाद भी कुछ कर्मचारियों को पहले जॉइन कराकर फिर उनका तबादला क्यों किया गया। इस पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने दोषी अधिकारियों की जानकारी मांगी है। माना जा रहा है कि शासन इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी कर सकता है।
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