भारत के निर्यात पर लगा 50% का भारी-भरकम अमेरिकी टैक्स, बंगाल सबसे ज़्यादा प्रभावित
Sandesh Wahak Digital Desk: अमेरिका ने भारत से आयात होने वाले कई सामानों पर 50% का भारी-भरकम टैक्स लगा दिया है, जिससे भारतीय निर्यातकों को बड़ा झटका लगा है। यह नया टैरिफ बुधवार सुबह 9:30 बजे से लागू हो गया है। अमेरिका के इस कदम से भारत का लगभग $48.2 बिलियन का निर्यात प्रभावित होगा, जिसमें अकेले पश्चिम बंगाल की अर्थव्यवस्था को बड़ा नुकसान होने की आशंका है।
दरअसल, यह पूरा मामला व्यापारिक गतिरोध और भू-राजनीतिक वजहों से जुड़ा है। अमेरिका ने भारत द्वारा रूसी कच्चे तेल की खरीद का विरोध किया था। पहले ही 7 अगस्त को अमेरिका ने भारत के कुछ उत्पादों पर 25% का अतिरिक्त टैक्स लगाया था। अब रूसी तेल की खरीद के कारण इस टैक्स को दोगुना कर 50% कर दिया गया है। अमेरिकी सरकार ने इस बारे में बातचीत के लिए 21 दिनों का समय दिया था, लेकिन कोई समझौता न होने के कारण यह नया टैरिफ लागू हो गया है।
बंगाल के चमड़ा और समुद्री उत्पादों पर सबसे ज़्यादा असर
इस नए टैरिफ से पश्चिम बंगाल की अर्थव्यवस्था को सबसे ज़्यादा नुकसान होगा, खासकर वहाँ के चमड़ा, इंजीनियरिंग और समुद्री खाद्य जैसे श्रम-आधारित उद्योगों को।
समुद्री उत्पाद: पश्चिम बंगाल भारत के समुद्री खाद्य निर्यात में 12% का योगदान देता है। यहाँ से अमेरिका को सालाना 5,000-6,000 करोड़ रुपये का समुद्री उत्पाद भेजा जाता है, जिस पर अब सीधा असर पड़ेगा।
चमड़ा उद्योग: भारतीय चमड़ा उत्पाद संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष मोहम्मद अजार ने बताया कि केवल भारत और ब्राज़ील पर 50% का टैक्स लगा है, जबकि दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों पर यह दर 19-20% ही है। इसका सीधा असर कोलकाता के पास बंताला चमड़ा केंद्र पर पड़ेगा, जहाँ लगभग पाँच लाख लोग काम करते हैं।
इस फैसले से 45,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा के भारतीय निर्यात पर असर पड़ने का अनुमान है। निर्यातकों का कहना है कि इस वजह से निर्यात और उत्पादन दोनों फ़िलहाल रुक गए हैं। कई एक्सपर्ट्स ने यह भी आशंका जताई है कि इस टैक्स के कारण हज़ारों नौकरियाँ ख़तरे में पड़ सकती हैं।
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