‘2047 तक भी अधूरा रहेगा सैफई परिवार का सपना’, अखिलेश के ‘स्टूल’ वाले तंज पर केशव मौर्य का पलटवार
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश की सियासत में इन दिनों सोशल मीडिया ‘रणक्षेत्र’ बना हुआ है। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव द्वारा दोनों डिप्टी सीएम की एक रील साझा कर किए गए ‘स्टूल’ वाले तंज पर अब उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने जोरदार पलटवार किया है। मौर्य ने दो टूक शब्दों में कहा कि अखिलेश यादव का मुख्यमंत्री बनने का सपना साल 2047 तक भी पूरा नहीं होगा।
“दो स्टूल मिलकर कुर्सी नहीं बन सकते”
विवाद की शुरुआत तब हुई जब अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया (X) पर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक की एक साथ चलते हुए रील साझा की। अखिलेश ने लिखा, “दो स्टूल मिलकर कुर्सी नहीं बन सकते।” उन्होंने निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा में एक-दूसरे को पीछे धकेलने की साजिश चल रही है और ये दोनों नेता सिर्फ दिखावे के लिए हमकदम बने हुए हैं। अखिलेश ने व्यंग्य करते हुए एक को ‘प्रतीक्षारत मुख्यमंत्री’ (WCM) तक कह डाला।
अखिलेश के इस हमले पर केशव प्रसाद मौर्य ने रविवार को ‘एक्स’ पर सिलसिलेवार जवाब दिया। उन्होंने लिखा, “सपा बहादुर अखिलेश यादव, आपके इशारों पर मर्यादा लांघकर ‘फर्जी पीडीए’ परोसने वालों को प्रदेश की जनता भली-भांति पहचानती है।” मौर्य ने दावा किया कि अखिलेश की भाषा और आचरण ही उनके समर्थकों की शैली में दिखता है, जो अराजकता और गुंडागर्दी का प्रतीक है।
“2027 ही नहीं, 2047 तक कमल ही खिलेगा”
डिप्टी सीएम ने भाजपा की एकजुटता का संदेश देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, ब्रजेश पाठक और वे स्वयं समूचे भाजपा नेतृत्व के साथ चट्टान की तरह एकजुट हैं। उन्होंने अखिलेश को ‘नेक सलाह’ देते हुए कहा कि वे गलतफहमी का शिकार न हों। मौर्य ने हुंकार भरते हुए कहा, “2017 और 2022 में जो आपका हश्र हुआ था, उससे भी बुरा हाल 2027 में होने जा रहा है। सैफई परिवार का सपना अब कभी पूरा नहीं होगा।”
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अखिलेश यादव लगातार भाजपा के भीतर मतभेद दिखाने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि केशव मौर्य ने अपने जवाब से यह साफ कर दिया है कि भाजपा के भीतर ‘सब ऑल इज वेल’ है। इस जुबानी जंग ने प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तपिश अभी से बढ़ा दी है।
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