राहुल-प्रियंका के भरोसेमंद सोहेल अंसारी को मिली यूपी की जिम्मेदारी, क्या 2027 में बदलेगी अल्पसंख्यकों की चुनावी पसंद?
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश की राजनीति में अल्पसंख्यक समुदायों को कांग्रेस से जोड़ने और 2027 के चुनावी समीकरणों को साधने के लिए कांग्रेस ने अपनी नई टीम की औपचारिक शुरुआत कर दी है। रविवार को पूर्व विधायक सोहेल अख्तर अंसारी ने उत्तर प्रदेश कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के चेयरमैन के रूप में पदभार ग्रहण किया। इस भव्य समारोह में कांग्रेस के दिग्गज नेताओं ने केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए ‘संविधान बचाओ’ के नारे को बुलंद किया।

इमरान प्रतापगढ़ी का हुंकार
समारोह के मुख्य अतिथि और राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने अपने चिरपरिचित अंदाज में सरकार पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा अल्पसंख्यक समाज केवल एक धर्म नहीं बल्कि सिख, ईसाई, जैन, बौद्ध और पारसी समुदायों का समूह है, जिसे बांटने की कोशिश की जा रही है। राहुल गांधी संसद में जो ‘लाल किताब’ (संविधान) दिखाते हैं, वह भाजपा के लिए डर का प्रतीक है क्योंकि कांग्रेस देश के लोकतांत्रिक ढांचे को खत्म नहीं होने देगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि राजनीति में पद के पीछे न भागें, बल्कि अपनी सामूहिक ताकत बढ़ाएं। सोहेल अख्तर अंसारी का चयन राहुल और प्रियंका गांधी की सहमति के बाद ही किया गया है।
2027 का रोडमैप: 70 सीटों पर निर्णायक भूमिका
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अविनाश पांडे ने आगामी विधानसभा चुनावों की रणनीति का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में करीब 70 ऐसी विधानसभा सीटें हैं जहाँ अल्पसंख्यक मतदाता चुनाव परिणाम पलटने की ताकत रखते हैं। सोहेल अख्तर अंसारी की नियुक्ति का मुख्य लक्ष्य इन 70 सीटों पर कांग्रेस के आधार को फिर से मजबूत करना है। पार्टी का पूरा ध्यान अब 2027 के विधानसभा चुनावों में सत्ता की वापसी पर है।

नई जिम्मेदारी और ‘ताजपोशी’ का संदेश
पूर्व विधायक सोहेल अख्तर अंसारी ने चेयरमैन पद की शपथ लेते हुए भरोसा दिलाया कि वे हर जिले और ब्लॉक स्तर पर जाकर अल्पसंख्यक समाज को कांग्रेस के ‘मोहब्बत की दुकान’ से जोड़ेंगे। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अंसारी के अनुभव और इमरान प्रतापगढ़ी की लोकप्रियता का मेल यूपी में कांग्रेस की स्थिति को बेहतर कर सकता है।
समारोह में ये दिग्गज रहे मौजूद
कार्यक्रम में सांसद तनुज पुनिया, उत्तराखंड के विधायक काजी निजामुद्दीन, अंशु अवस्थी, मनीष हिंदवी, डॉ. शहजाद आलम, अमित कुमार श्रीवास्तव सहित हजारों की संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

