भावनाओं पर नहीं, तथ्यों पर करें रिपोर्टिंग: पुलिस आयुक्त
Sandesh Wahak Digital Desk: भोपाल के पुलिस आयुक्त हरिनारायणचारी मिश्रा ने पत्रकारों से कहा है कि वे किसी भी घटना की रिपोर्टिंग करते समय तथ्यों पर ध्यान दें, न कि भावनाओं पर। उनका कहना है कि कई बार जो घटनाएं जैसी दिखती हैं, वैसी होती नहीं हैं। उन्होंने कहा कि भावनात्मक रूप से खबरें लिखने से समाज में गलतफहमी और दिक्कतें बढ़ सकती हैं।
मिश्रा आज माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में मीडिया और पुलिस विषय पर एक मास्टर क्लास को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने पुलिस और मीडिया के बीच तालमेल और जिम्मेदारियों पर खुलकर बात की।
अपराध का तरीका बदला है, मीडिया की जिम्मेदारी भी बढ़ी
पुलिस आयुक्त ने कहा कि टेक्नोलॉजी के कारण अपराध करने का तरीका और उसकी सीमाएं बदल गई हैं। ऐसे में सूचना के सही प्रवाह को बनाए रखना बहुत जरूरी है। उन्होंने बताया कि अगर किसी घटना को तार्किक ढंग से नहीं देखा जाए, तो पुलिस की जांच की दिशा भी भटक सकती है। ऐसे में लोगों को जागरूक करने में मीडिया की भूमिका बहुत अहम हो जाती है।
उन्होंने चिंता जताई कि कई बार खबरों में अपराध को महिमामंडित (glamorize) करके दिखाया जाता है, जिससे समाज में गलत चलन शुरू हो जाता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जब आत्महत्या की खबरों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जाता है, तो ऐसी घटनाओं की संख्या बढ़ जाती है।

जनहित और राष्ट्रहित ही पत्रकारिता की कसौटी
मिश्रा ने साफ शब्दों में कहा कि किसी भी रिपोर्टिंग की सबसे बड़ी कसौटी जनहित और राष्ट्रहित होनी चाहिए। उन्होंने माना कि मीडिया की सक्रियता से कई कानून बदले हैं और कई मामलों का खुलासा भी हुआ है।
इस मौके पर विश्वविद्यालय के कुलपति विजय मनोहर तिवारी ने भी छात्रों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि गांवों से शहरों की ओर बढ़ते पलायन के कारण पुलिस पर दबाव बढ़ा है। उन्होंने पत्रकारिता के छात्रों को सलाह दी कि वे अच्छे पत्रकार बनने के साथ-साथ एक जिम्मेदार नागरिक भी बनें। उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी खबरों की रिपोर्टिंग करते समय विशेष सावधानी बरतने की बात कही।
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