Delhi Riots: उमर खालिद और शरजील इमाम सहित 9 आरोपियों की जमानत याचिका खारिज
Sandesh Wahak Digital Desk: 2020 के दिल्ली दंगों की कथित साजिश से जुड़े एक मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने उमर खालिद, शरजील इमाम और सात अन्य आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं। जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस शालिंदर कौर की बेंच ने यह फैसला सुनाया।
जिन नौ आरोपियों की याचिकाएं खारिज की गई हैं, उनमें शरजील इमाम, उमर खालिद, गुलफिशा फातिमा, अतर खान, अब्दुल खालिद सैफी, मोहम्मद सलीम खान, शिफा-उर-रहमान, मीरान हैदर और शादाब अहमद शामिल हैं। इसी मामले से जुड़े एक अन्य आरोपी तसलीम अहमद की जमानत याचिका भी हाई कोर्ट की एक दूसरी बेंच ने मंगलवार को खारिज कर दी।
पुलिस के आरोप और UAPA
दिल्ली पुलिस का आरोप है कि ये सभी आरोपी नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के विरोध प्रदर्शनों के दौरान फरवरी 2020 में हुई हिंसा की एक “बड़ी साजिश” का हिस्सा थे। पुलिस का कहना है कि इस हिंसा का मकसद भारत की संप्रभुता को नुकसान पहुंचाना था। इसी आधार पर इन सभी पर UAPA (गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम) के तहत आतंकवाद से जुड़े गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
कोर्ट ने क्यों नहीं दी जमानत?
आरोपियों के वकीलों ने कोर्ट में दलील दी थी कि वे पांच साल से अधिक समय से जेल में हैं और अभी तक मुकदमे की सुनवाई शुरू नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि मुकदमे में देरी को देखते हुए उन्हें जमानत दी जानी चाहिए। हालांकि, कोर्ट ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया और उनकी याचिकाएं खारिज कर दीं। आपको बता दें कि इस मामले में कुल 20 लोग आरोपी हैं, जिनमें से छह को पहले ही जमानत मिल चुकी है, जबकि 12 जेल में हैं और दो फरार हैं। फरवरी 2020 के दंगों में 53 लोगों की मौत हुई थी और सैकड़ों लोग घायल हुए थे।
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