टीईटी अनिवार्यता पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को चुनौती देंगे सीएम योगी
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश के शिक्षकों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश के खिलाफ रिवीजन याचिका दाखिल करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि सभी सेवारत शिक्षकों को नौकरी में बने रहने के लिए टीईटी (TET) पास करना अनिवार्य होगा।
यह आदेश लाखों शिक्षकों के लिए चिंता का सबब बन गया था, क्योंकि कई अनुभवी शिक्षक अब तक टीईटी पास नहीं कर पाए हैं। ऐसे में सीएम योगी का कदम उनके लिए राहत की उम्मीद जगाता है।
सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश के शिक्षक अनुभवी हैं और सरकार समय-समय पर उन्हें प्रशिक्षण देती रही है। उनकी योग्यता और वर्षों की सेवा को सिर्फ एक परीक्षा से कम नहीं आंका जा सकता।
#UPCM @myogiadityanath ने बेसिक शिक्षा विभाग के सेवारत शिक्षकों के लिए TET की अनिवार्यता पर माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेश का रिवीजन दाखिल करने का विभाग को निर्देश दिया है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा है कि प्रदेश के शिक्षक अनुभवी हैं और समय-समय पर सरकार द्वारा उन्हें प्रशिक्षण प्रदान…
— CM Office, GoUP (@CMOfficeUP) September 16, 2025
क्यों है यह फैसला अहम?
- सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि नौकरी बचाने के लिए टीईटी जरूरी होगा।
- लाखों शिक्षक, जिनके पास वर्षों का अनुभव है, अब तक टीईटी पास नहीं कर पाए।
- सीएम योगी का कदम शिक्षकों के मनोबल को बढ़ाएगा और उनके अनुभव का सम्मान करेगा
नई बहस: ‘अनुभव बनाम अनिवार्यता’
यह मामला अब एक बड़ी बहस को जन्म दे रहा है। सवाल यह है कि क्या एक परीक्षा का न होना, शिक्षक की योग्यता और अनुभव को कमतर कर सकता है?
सीएम योगी का मानना है कि अनुभवी शिक्षकों को सेवा से वंचित करना न्यायसंगत नहीं है।
अब सभी की निगाहें सुप्रीम कोर्ट पर हैं। देखना होगा कि कोर्ट सरकार की रिवीजन याचिका पर क्या रुख अपनाता है। यह फैसला लाखों शिक्षकों के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था दोनों पर गहरा असर डालेगा।
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