हापुड़ पुलिस ने 39 करोड़ रुपये के फर्जी बीमा क्लेम घोटाले का किया पर्दाफाश, दो गिरफ्तार

Sandesh Wahak Digital Desk: हापुड़ पुलिस ने बीमा क्षेत्र को हिला देने वाले एक सनसनीखेज फर्जी बीमा क्लेम घोटाले का भंडाफोड़ किया है। आरोप है कि एक युवक ने अपने माता-पिता की मौत को संदिग्ध सड़क दुर्घटनाओं का रूप देकर विभिन्न बीमा कंपनियों से ₹39 करोड़ से अधिक का क्लेम लेने की साजिश रची। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है और एक बड़े संगठित गिरोह की संलिप्तता की आशंका जताई है।

फर्जी क्लेम का जाल और संदेह के घेरे में आय

यह घोटाला तब सामने आया जब निवा बूपा हेल्थ इंश्योरेंस के प्रतिनिधि संजय कुमार ने कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार मुख्य आरोपी विशाल कुमार नामक युवक पर अपने पिता मुकेश सिंघल की मौत को सड़क हादसे का रूप देने का आरोप है।

विशाल ने अपने पिता की मौत को गढ़गंगा से लौटते समय सड़क दुर्घटना में होना दिखाकर टाटा एआईजी, मैक्स लाइफ, टाटा एआईए, आदित्य बिड़ला और एचडीएफसी एगों जैसी नामी कंपनियों से ₹39 करोड़ का बीमा क्लेम मांगा। पुलिस को सबसे बड़ा संदेह तब हुआ जब पता चला कि मुकेश सिंघल की घोषित सालाना आय मात्र ₹12-15 लाख थी, जबकि उनके नाम पर ₹39 करोड़ का विशाल बीमा कवर मौजूद था। पुलिस का मानना है कि यह कोई सामान्य क्लेम नहीं है, बल्कि फर्जी पॉलिसी और फर्जी दावों का पूरा तंत्र चलाने वाले किसी बड़े नेटवर्क या एजेंटों का संगठित गिरोह हो सकता है।

मां की मौत भी संदिग्ध: ₹80 लाख का क्लेम पहले भी लिया

जांच में पता चला है कि विशाल कुमार ने इससे पहले भी एक संदिग्ध मौत पर क्लेम लिया था। 21 जून 2017 को विशाल की माँ प्रभा देवी की मौत भी पिलखुवा में एक संदिग्ध सड़क दुर्घटना में हुई थी। उस समय विशाल भी बाइक पर उनके साथ था। प्रभा देवी की मौत को अज्ञात वाहन की टक्कर बताकर विशाल ने उस समय बीमा कंपनियों से करीब ₹80 लाख का क्लेम हासिल किया था। बीमा कंपनियों ने 2017 में भी इस मामले में साजिश का शक जताया था, लेकिन उस समय गहन जाँच नहीं हो पाई थी।

जांच में खुलासे और रिश्वत का प्रयास

मुकेश सिंघल के 27 मार्च 2024 के हादसे के मामले में जब कंपनियों ने गहन जांच शुरू की, तो कई बड़े राजफाश हुए। क्लेम फाइल में हादसे का समय दिन का बताया गया, जबकि मेडिकल रिकॉर्ड में यह रात का था।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में लगी चोटें भी किसी सड़क हादसे से मेल नहीं खा रही थीं। दुर्घटनाग्रस्त वाहन और उसका नंबर तक क्लेम फाइल में पेश नहीं किया गया था। निवा बूपा कंपनी ने आरोप लगाया कि विशाल ने जांच टीम से सहयोग नहीं किया और मामले को रफा-दफा करने के लिए एक अधिकारी को रिश्वत देने की कोशिश की थी।

पुलिस की कार्रवाई

सीओ वरुण मिश्रा ने बताया कि प्राप्त तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने दो आरोपी विशाल कुमार (पुत्र स्व. मुकेश चंद्र सिंघल) निवासी गंगानगर, मेरठ और सतीश कुमार (पुत्र रत्न लाल) निवासी पुरानी मोहनपुरी, मेरठ को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

सीओ ने कहा कि जांच कई एंगल पर की जा रही है और बीमा कंपनियों के रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। शुरुआती साक्ष्यों से यह संगठित गिरोह का हिस्सा लग रहा है, जिसके चलते पुराने मामलों की फाइलें भी दोबारा खोली जा सकती हैं।

Also Read: लखनऊ में संविधान के सहारे कांग्रेस, ‘आई लव कॉन्स्टिट्यूशन’ होर्डिंग से भाजपा और सपा के ‘पोस्टर वार’ में एंट्री

Get real time updates directly on you device, subscribe now.