CM योगी की राजस्व विभाग के अधिकारियों संग बैठक, बोले- ‘परफॉर्मेंस’ ही होगा तैनाती का आधार
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को राज्य कर विभाग की राजस्व प्राप्तियों की समीक्षा की। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जोनल अधिकारियों से सीधे संवाद करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि विभाग में तैनाती का एकमात्र आधार ‘परफॉर्मेंस’ (प्रदर्शन) होगा।
मुख्यमंत्री ने सख्त हिदायत दी कि फील्ड में केवल वही अधिकारी तैनात किए जाएं जो राजस्व लक्ष्य प्राप्ति के प्रति प्रतिबद्ध हों और जिनकी छवि पूरी तरह साफ हो।
त्योहारों पर अनावश्यक छापेमारी रोकने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि व्यापारियों और उद्यमियों का उत्पीड़न किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि धनतेरस और दीपावली के आगामी त्योहारों के अवसरों पर अनावश्यक जांच या छापेमारी की कार्रवाई से पूरी तरह बचा जाए। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जीएसटी के ‘नेक्स्ट जनरेशन रिफॉर्म’ के बाद बाजार में तेजी आई है, जिसके सकारात्मक परिणाम जल्द ही दिखाई देंगे। उन्होंने अधिकारियों को करदाता-मित्रवत वातावरण बनाने और ई-गवर्नेंस प्रणाली को मजबूत करने का निर्देश दिया।

राजस्व और लक्ष्य की स्थिति
मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में सितंबर माह तक राज्य कर विभाग को कुल ₹55,000 करोड़ की प्राप्ति हुई है। इसमें जीएसटी से ₹40,000 करोड़ और वैट/नॉन-जीएसटी से ₹15,000 करोड़ शामिल हैं। चालू वित्तीय वर्ष के लिए ₹1.75 लाख करोड़ का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जो पिछले वर्ष के मुकाबले लगभग ₹18,700 करोड़ अधिक है। मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय जीएसटी संग्रह में अग्रणी योगदान देने का आह्वान किया।
जोनल प्रदर्शन और जवाबदेही
जोनवार समीक्षा में पाया गया कि बरेली (64.2%), सहारनपुर (63.7%), मेरठ (63.0%), गोरखपुर (62.5%), और झांसी (62.1%) जैसे जोनों का प्रदर्शन बेहतर रहा है। मुख्यमंत्री ने 50 प्रतिशत से कम राजस्व संग्रह वाले खंडों की स्थिति का कारण स्पष्ट करने और सुधार की कार्ययोजना तत्काल तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने असंतोषजनक प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के भी निर्देश दिए।
फर्जी आईटीसी पर कार्रवाई
बैठक में बोगस फर्मों और फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के मामलों पर विशेष चर्चा हुई। विभाग ने अब तक 104 फर्मों में ₹873.48 करोड़ के फर्जी आईटीसी की पहचान की है, जिन पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व वृद्धि राज्य की अर्थव्यवस्था को गति देने का आधार है और हर अधिकारी सुनिश्चित करे कि कर संग्रह का प्रत्येक रुपया प्रदेश के विकास में योगदान दे।
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