इलाहाबाद हाईकोर्ट सख़्त: हिस्ट्रीशीट की कॉपी न देने पर कानपुर कोतवाली इंस्पेक्टर 15 अक्टूबर को तलब

Sandesh Wahak Digital Desk: इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने कानपुर के भाजपा नेता और हैट्रिक पार्षद अभिषेक गुप्ता उर्फ मोनू की याचिका पर सुनवाई करते हुए बड़ा आदेश दिया है। कोर्ट ने उन्हें हिस्ट्रीशीट की आधिकारिक प्रति (कॉपी) उपलब्ध न कराने पर सख़्त रुख अपनाया है और कोतवाली थाने के इंस्पेक्टर को व्यक्तिगत रूप से तलब किया है।

पार्षद अभिषेक गुप्ता “मोनू”

मामला क्या है?

याचिकाकर्ता अभिषेक गुप्ता ने न्यायालय को बताया कि पुलिस ने उनके खिलाफ सात आपराधिक मामलों के आधार पर हिस्ट्रीशीट संख्या 01-ए खोल दी है। हालांकि, उन्हें आज तक हिस्ट्रीशीट की आधिकारिक प्रति नहीं दी गई है, जिसके कारण पुलिस उन पर लगातार निगरानी रख रही है।

हाईकोर्ट का सख़्त रुख

न्यायालय ने रिकॉर्ड की जांच करने पर पाया कि हिस्ट्रीशीट खोले जाने की जानकारी केवल एक प्रेस नोट के माध्यम से दी गई थी, जिसकी प्रति केस फाइल में संलग्न थी। लेकिन, इसकी आधिकारिक प्रति अभिषेक गुप्ता को उपलब्ध नहीं कराई गई।

कोतवाली इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद पाण्डेय

न्यायमूर्ति जे.जे. मुनिर और न्यायमूर्ति संजीव कुमार की खंडपीठ ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि जब किसी व्यक्ति की हिस्ट्रीशीट खोली जाती है, तो उसकी प्रति संबंधित व्यक्ति को देना अनिवार्य है। चूंकि इस मामले में ऐसा नहीं किया गया, इसलिए न्यायालय ने निम्नलिखित निर्देश दिए।

  • थाना कोतवाली के थाना प्रभारी (इंस्पेक्टर) को 15 अक्टूबर को दोपहर 2 बजे व्यक्तिगत रूप से हाईकोर्ट में उपस्थित होना होगा।
  • थाना प्रभारी को हिस्ट्रीशीट की कॉपी साथ लानी होगी।
  • मामले को 15 अक्टूबर को दोपहर 2 बजे “नए सिरे से” सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है।
  • न्यायालय ने यह भी निर्देश दिया है कि इस आदेश की प्रति मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, कानपुर नगर के माध्यम से थाना प्रभारी तक आज ही पहुंचा दी जाए।

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