मिर्जापुर में अवैध वसूली का आरोप, स्वास्थ्य विभाग की जांच टीम पर उठे गंभीर सवाल
Sandesh Wahak Digital Desk: मिर्जापुर के ड्रमंडगंज क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की एक जांच टीम की कार्यप्रणाली पर क्षेत्रीय लोगों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। बुधवार दोपहर डिप्टी सीएमओ के नेतृत्व में जैसे ही टीम के आने की खबर फैली, ड्रमंडगंज बाजार, रतेह चौराहा और गड़बड़ा पुल स्थित दर्जनों मेडिकल स्टोर, क्लीनिक और पैथोलॉजी केंद्रों पर ताला लटक गया और संचालक फरार हो गए।
एक महीने में तीसरी बार धमकी, बिना कार्रवाई लौटी टीम
क्षेत्रीय लोगों का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग की टीम इस क्षेत्र में एक महीने में तीसरी बार आई है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई प्रकाश में नहीं आई है। क्षेत्रीय लोगों का स्पष्ट आरोप है कि जांच टीम कार्यवाही का धौंस जमाकर अवैध वसूली कर रही है। वे दुकानदारों को सुनसान जगहों पर बुलाकर धन उगाही कर रही है।
आरोप है कि क्षेत्र में धड़ल्ले से अवैध क्लीनिक और अस्पतालों में झोलाछाप मरीजों का इलाज कर रहे हैं, लेकिन सांठगांठ के चलते टीम इन स्थानों पर कोई छापेमारी नहीं करती और केवल मेडिकल स्टोरों को निशाना बनाती है। इससे पहले बीते सोमवार को भी स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापेमारी की थी, लेकिन बिना किसी कार्यवाही के बैरंग लौट गई थी।
जिम्मेदारों ने फोन उठाना भी मुनासिब नहीं समझा
जांच टीम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए क्षेत्रीय लोगों ने मामले की उच्च स्तरीय जांच के लिए जिलाधिकारी का ध्यान आकर्षित करवाया है। इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया जानने के लिए जब डिप्टी सीएमओ अवधेश सिंह से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने फोन उठाना उचित नहीं समझा। इससे भी गंभीर बात यह है कि मिर्जापुर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) के सीयूजी नंबर पर तीन बार फोन करने के बावजूद उनका भी फोन रिसीव नहीं हो सका, जिसने स्थिति को और रहस्यमय बना दिया है।
रिपोर्ट: अशोक सिंह
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