‘मिशन शक्ति’ का प्रभाव: योगी सरकार की नीतियों से महिलाओं के विरुद्ध अपराधों पर लगा अंकुश
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार ने मिशन शक्ति अभियान के तहत महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को सुनिश्चित करने के लिए कई निर्णायक कदम उठाए हैं। पुलिस द्वारा संचालित त्वरित न्याय प्रणाली के परिणामस्वरूप पिछले साढ़े आठ वर्षों में महिलाओं से संबंधित अपराधों में काफी कमी दर्ज की गई है।
महिला सुरक्षा का नया मॉडल
महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन की एडीजी पद्मजा चौहान ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में पूरे प्रदेश में महिला सुरक्षा अभियान संचालित किए जा रहे हैं।
2017 के बाद प्रदेश सरकार ने महिला सुरक्षा प्रतिक्रिया प्रणाली (Women Safety Response System) को लेकर कई अहम निर्णय लिए हैं, जिसके तहत बेटियों और महिलाओं की शिकायतों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाता है। मिशन शक्ति अभियान से महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया है, जिसके कारण समावेशी एवं सशक्त समाज की स्थापना हो रही है और अपराधों पर अंकुश लगा है।
हेल्पलाइन और डिजिटल निगरानी का विस्तार
मिशन शक्ति अभियान महिलाओं के जीवन में परिवर्तन लाने के लिए प्रशिक्षण कार्यशालाओं के साथ-साथ जागरूकता पर भी जोर दे रहा है।
अभियान के तहत महिलाओं को साइबर अपराधों और ऑनलाइन उत्पीड़न के प्रति जागरूक किया जाता है। डिजिटल ट्रैकिंग और साइबर मॉनिटरिंग के माध्यम से सोशल मीडिया से जुड़े अपराधों और फर्जी प्रोफाइल के विरुद्ध कार्रवाई की प्रक्रिया को मजबूत बनाया गया है।
महिलाओं को प्रमुख हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी जाती है, जिनमें वीमेन पावर लाइन 1090, चाइल्ड लाइन 1098, साइबर हेल्पलाइन 1930, आपातकालीन पुलिस सेवा 112, 1076 और अग्निशमन सेवा 101 शामिल हैं।
मिशन शक्ति 5.0 के अंतर्गत, प्रदेश के कई जिलों में सक्रिय रूप से जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। यह अभियान 24 दिसंबर तक जारी रहेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दूरदर्शी नीति ने उत्तर प्रदेश में महिला सुरक्षा को लेकर एक नया और प्रभावी मॉडल स्थापित किया है।
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