लखीमपुर खीरी: 251 कुंडीय गायत्री महायज्ञ का भव्य आगाज; कलश यात्रा में उमड़ा आस्था का जनसैलाब
निघासन (लखीमपुर खीरी): परम वंदनीय माता भगवती देवी शर्मा के जन्म शताब्दी वर्ष 2026 के उपलक्ष्य में, शांति कुंज हरिद्वार के तत्वावधान में निघासन के झंडी रोड पर 251 कुंडीय गायत्री महायज्ञ की ऐतिहासिक शुरुआत हुई। गुरुवार को आयोजित भव्य कलश यात्रा में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया, जिससे पूरा क्षेत्र ‘गायत्री मंत्र’ के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा।
सरयू नदी से भरा गया पवित्र जल
कलश यात्रा निघासन-सिंगाही रोड से होते हुए मोटे बाबा सरयू नदी घाट पहुंची। शांति कुंज हरिद्वार से आए यज्ञाचार्यों की टोली ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच नदी के जल को अभिमंत्रित और शुद्ध किया। हजारों महिलाओं ने सिर पर मंगल कलश धारण कर पैदल यात्रा की और जल लाकर यज्ञ मंडप में कलशों की विधिवत स्थापना की।
सजीव झांकियां और विशेष आकर्षण
कलश यात्रा में केवल आस्था ही नहीं, बल्कि शौर्य और संस्कृति का भी अद्भुत संगम दिखा। घोड़ों पर सवार माता सरस्वती और वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई की सजीव झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। यह महायज्ञ ‘राष्ट्रीय शौर्य समृद्धि’ के संकल्प के साथ माता भगवती शर्मा के जन्म शताब्दी वर्ष को समर्पित है।
महायज्ञ का कार्यक्रम
अखिल विश्व गायत्री परिवार के मार्गदर्शन में यह आयोजन 1 जनवरी से 5 जनवरी 2026 तक चलेगा
शुरुआत: 1 जनवरी (कलश यात्रा एवं पूजन)।
महायज्ञ: प्रतिदिन विशिष्ट आहुतियां और सत्संग।
पूर्णाहुति: 5 जनवरी को विशाल भंडारे और आशीर्वाद के साथ समापन।
पुलिस की रही कड़ी चौकसी
भक्तों की भारी भीड़ और जनसैलाब को देखते हुए पुलिस प्रशासन को यातायात और भीड़ नियंत्रण के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। निघासन के मुख्य मार्गों पर सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए थे।
रिपोर्ट: विनय कुमार मिश्रा

