Sambhal News: प्रशासन के बुलडोजर से पहले ग्रामीणों ने रातों-रात जमींदोज की मदीना मस्जिद

Sambhal News: यूपी के संभल जिले के सलेमपुर सालार उर्फ हाजीपुर गांव में रविवार की सुबह जब प्रशासनिक अधिकारी भारी फोर्स और जेसीबी के साथ पहुँचे, तो उनके होश उड़ गए। जिस अवैध मदीना मस्जिद को गिराने का आदेश हुआ था, वहां सिर्फ खाली समतल जमीन नजर आई। मस्जिद कमेटी और ग्रामीणों ने प्रशासन के आने से पहले ही शनिवार की पूरी रात जागकर खुद ही मस्जिद को ढहा दिया और मलबा भी वहां से साफ करवा दिया।

20 साल पुराना था विवाद

यह पूरा मामला सरकारी जमीन पर कब्जे से जुड़ा है। जानकारी के मुताबिक साल 2000 में चकबंदी के दौरान करीब 439 वर्ग मीटर जमीन गरीब परिवारों के आवास के लिए आरक्षित की गई थी। आरोप है कि 2005 के आसपास इस सरकारी जमीन पर कब्जा कर ‘मदीना मस्जिद’ का निर्माण कर दिया गया। जून 2025 में लेखपाल की रिपोर्ट के बाद राजस्व संहिता के तहत कार्रवाई शुरू हुई। 2 सितंबर 2025 को मस्जिद हटाने और 8 लाख 78 हजार रुपये का जुर्माना भरने का आदेश जारी किया गया।

विनिमय का प्रस्ताव हुआ था खारिज

मस्जिद पक्ष के ओवैस आलम ने जमीन की अदला-बदली (विनिमय) का प्रार्थना पत्र दिया था, जिसे प्रशासन ने 18 दिसंबर को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि धार्मिक कब्जे के आधार पर सरकारी जमीन का विनिमय कानूनन संभव नहीं है। प्रशासन ने साफ कर दिया था कि रविवार (आज) सुबह 10 बजे अवैध ढांचा गिराया जाएगा। रविवार सुबह जब 31 अधिकारियों की टीम बुलडोजर लेकर गांव पहुँची, तो वहां नजारा बदला हुआ था। शनिवार रात ही मस्जिद कमेटी ने जेसीबी मंगवाई और पूरी रात काम करके दो मंजिला इमारत को मलबे समेत हटा दिया।

गांव में मस्जिद से जुड़े लोग कैमरे पर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। जब मीडिया ने उनसे बात करनी चाही, तो उन्होंने हाथ जोड़कर चुप्पी साध ली। कल तक जहाँ नमाज अदा की जाती थी और वजू का स्थान था, आज वहां सिर्फ समतल मिट्टी दिखाई दे रही है।

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