कुशीनगर: 77 फरियादियों ने लगाई न्याय की गुहार, डीएम बोले- लापरवाही हुई तो सीधे कार्रवाई होगी

Sandesh Wahak Digital Desk: कुशीनगर जिले के तहसील कसया के सभागार में सोमवार को आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में जनता की भारी भीड़ उमड़ी। जिलाधिकारी उमेश प्रताप सिंह और पुलिस अधीक्षक केशव कुमार ने खुद एक-एक फरियादी की बात सुनी। हालांकि, कुल 77 प्रार्थना पत्रों में से महज 11 का ही मौके पर निस्तारण हो सका, जिसे लेकर डीएम ने शेष 66 मामलों को समय सीमा के भीतर निपटाने का कड़ा अल्टीमेटम दिया है।

सर्वाधिक शिकायतों का केंद्र रहा राजस्व विभाग

समाधान दिवस में आए कुल 77 मामलों में से आधे से ज्यादा यानी 49 मामले अकेले राजस्व विभाग के थे। इससे स्पष्ट है कि जमीन-जायदाद से जुड़े विवादों में लोग सबसे ज्यादा परेशान हैं। इसके अलावा पुलिस के 11, कृषि के 5, विकास के 4 और खाद्य एवं रसद विभाग के 4 मामले सामने आए।

राजस्व के 5, पुलिस के 2, कृषि के 2 और खाद्य विभाग के 2 मामलों को तुरंत सुलझा लिया गया।

डीएम और एसपी की सख्त हिदायत

जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को चेतावनी देते हुए कहा, “जनता की समस्याओं का समाधान शासन की प्राथमिकता है। प्रार्थनापत्रों का निस्तारण निष्पक्ष और पारदर्शी होना चाहिए।” वहीं, एसपी केशव कुमार ने पुलिस विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि पीड़ितों को समय पर न्याय मिले और किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

3 दिन के भीतर चाहिए जवाब

जिन 66 मामलों का निस्तारण नहीं हो सका, उन्हें संबंधित विभागों को भेज दिया गया है। जिलाधिकारी ने सख्त लहजे में कहा है कि इन फाइलों को लटकाया न जाए और समयबद्ध तरीके से पीड़ित को राहत पहुंचाई जाए।

बैठक में मौजूद रहे ये अधिकारी

इस अवसर पर परियोजना निदेशक पीयूष, सीएमओ डॉ. चन्द्र प्रकाश, बीएसए राम जियावन मौर्य, एसडीएम डॉ. संतराज सिंह बघेल, सीओ कुन्दन सिंह, तहसीलदार धर्मवीर सिंह सहित सभी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।

Also Read: कुशीनगर: हाटा ग्राम न्यायालय पहुंचे जिला जज, मुकदमों के अंबार पर जताई चिंता, अधिकारियों को दिया अल्टीमेटम

Get real time updates directly on you device, subscribe now.