ईरान का अमेरिका को दोटूक, बातचीत को तैयार, लेकिन दबाव और एकतरफा मांगों के आगे नहीं झुकेंगे

Sandesh Wahak Digital Desk: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने स्पष्ट कर दिया है कि उनका देश अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत कूटनीतिक संवाद के लिए हमेशा तैयार है, लेकिन वाशिंगटन की दबाव की नीति के सामने आत्मसमर्पण नहीं करेगा। इराक के नवनियुक्त प्रधानमंत्री अली अल-जैदी के साथ टेलीफोन पर हुई बातचीत में पेजेशकियान ने अमेरिका के दोहरे रवैये पर कड़ा प्रहार किया।

ईरानी राष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिका एक तरफ प्रतिबंधों का दबाव बना रहा है और दूसरी तरफ ईरान को बातचीत की मेज पर लाकर अपनी एकतरफा शर्तें मनवाना चाहता है, जो पूरी तरह असंभव है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान को शांतिपूर्ण परमाणु तकनीक से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। पेजेशकियान के अनुसार, ईरान ने हमेशा वैश्विक निगरानी में अपनी परमाणु गतिविधियों की पारदर्शिता सुनिश्चित करने की इच्छा जताई है, लेकिन अमेरिका परमाणु उद्योग पर ईरान के बुनियादी अधिकारों को ही चुनौती दे रहा है।

इराक की मध्यस्थता और क्षेत्रीय स्थिरता

क्षेत्रीय तनाव को कम करने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए इराकी प्रधानमंत्री अली अल-जैदी ने ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाने का प्रस्ताव रखा। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को प्रगाढ़ करने के लिए जल्द ही आधिकारिक यात्राओं के आदान-प्रदान पर भी सहमति जताई। ईरान ने स्पष्ट किया कि वह युद्ध या असुरक्षा को किसी भी समस्या का समाधान नहीं मानता है।

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