मोदी कैबिनेट का ऐतिहासिक फैसला, वंदे मातरम को मिला जन गण मन के समान दर्जा, अपमान पर होगी जेल
Sandesh Wahak Digital Desk: पश्चिम बंगाल चुनाव के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित पहली कैबिनेट बैठक में ऐतिहासिक फैसला लिया गया है। बंकिम चंद्र चटर्जी द्वारा रचित वंदे मातरम को अब राष्ट्रगान जन गण मन के समकक्ष संवैधानिक और कानूनी दर्जा प्रदान किया गया है। सरकार के इस फैसले के साथ ही अब राष्ट्रीय गीत का अपमान करना या इसके गायन में बाधा डालना कानूनी रूप से दंडनीय अपराध होगा।
कानून में होगा संशोधन, बढ़ेगी सजा
कैबिनेट ने राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम में संशोधन के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। इसके तहत अधिनियम की धारा-3 में बदलाव कर वंदे मातरम को शामिल किया जाएगा। अब यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर इस गीत के गायन में व्यवधान उत्पन्न करता है, तो उसे 3 साल तक की कैद, जुर्माना या दोनों भुगतने पड़ सकते हैं। दोबारा अपराध करने पर न्यूनतम एक वर्ष की अनिवार्य जेल का प्रावधान किया गया है।
यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब देश वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ मना रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने पहले भी कहा था कि इस महान गीत को लंबे समय तक तुष्टीकरण की राजनीति की भेंट चढ़ाया गया। इस साल जनवरी में गृह मंत्रालय ने सरकारी कार्यक्रमों में इसके सभी छह अंतराओं के गायन के निर्देश भी जारी किए थे।
हालिया पश्चिम बंगाल चुनाव के दौरान भाजपा ने वंदे मातरम को बंगाली अस्मिता और प्रखर राष्ट्रवाद के प्रतीक के रूप में उभारा था। बंकिम चंद्र चटर्जी की इस विरासत को जन-जन तक पहुँचाने के लिए राज्यभर में पदयात्राएं और सामूहिक गायन आयोजित किए गए थे। अब इसे राष्ट्रगान के समान दर्जा मिलना, भारतीय राजनीति और सांस्कृतिक इतिहास में एक बड़े बदलाव का संकेत है।
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