‘अखिलेश यादव लंदन चले जाएंगे…’, 2027 चुनाव को लेकर ओपी राजभर की बड़ी भविष्यवाणी
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश की सियासत में ‘बयानों के जादूगर’ माने जाने वाले कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर अब तक का सबसे बड़ा हमला बोला है। बंगाल चुनाव में ममता बनर्जी की हार के लिए अखिलेश को ‘पनौती’ करार देते हुए राजभर ने दावा किया कि 2027 के चुनाव के बाद अखिलेश राजनीति छोड़ लंदन शिफ्ट हो जाएंगे।
पश्चिम बंगाल चुनाव के नतीजों ने यूपी के सियासी पारे को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है। सुभासपा प्रमुख ओपी राजभर ने सोशल मीडिया पर तंज कसते हुए कहा कि अखिलेश यादव जिस भी गठबंधन या नेता के साथ खड़े होते हैं, वहां हार सुनिश्चित हो जाती है। उन्होंने कहा, “जिस दिन अखिलेश यादव ने ममता दीदी की जीत की घोषणा की थी, उसी दिन तय हो गया था कि वे हारेंगी।”
अखिलेश यादव जी ट्वीट, एसी और पीसी के नेता हैं। उनको लेकर मेरे मन में कभी संदेह नहीं रहता।
बंगाल चुनाव नतीजों को लेकर मेरे मन में कोई संदेह नहीं था। जिस दिन अखिलेश यादव जी ने ट्वीट कर ममता दीदी के जीत की मुनादी शुरू की, उसी दिन पक्का हो गया था कि वे हारने जा रही हैं।
अखिलेश जी…
— Om Prakash Rajbhar (@oprajbhar) May 5, 2026
‘ट्वीट, एसी और पीसी’ के नेता हैं अखिलेश: राजभर
राजभर ने अखिलेश यादव की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए उन्हें जमीन से कटा हुआ नेता बताया। उन्होंने कहा कि अखिलेश केवल “ट्वीट, एसी और पीसी (प्रेस कॉन्फ्रेंस)” तक सीमित हैं। राजभर ने तंज कसा कि 2014, 2017, 2019 और 2022 की हार के बाद अब 2027 की हार भी तय है। राजभर के मुताबिक, 2012 में सपा की जीत अखिलेश की नहीं, बल्कि मुलायम सिंह यादव और शिवपाल यादव की मेहनत का नतीजा थी।
दूसरी ओर, अखिलेश यादव ने बंगाल चुनाव के परिणामों को स्वीकार करने के बजाय इसे ‘लोकतांत्रिक इतिहास का काला दिन’ करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मतगणना के दौरान केंद्रीय बलों का दुरुपयोग कर जनमत को लूटा गया है। अखिलेश ने कन्नौज और फर्रुखाबाद के चुनावी ‘मॉडल’ का जिक्र करते हुए कहा कि चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी अब एक खतरनाक ट्रेंड बन चुका है।
2027 की जंग के लिए छिड़ा ‘पोस्टर और जुबानी’ वार
बंगाल के नतीजों के बाद यूपी में 2027 के विधानसभा चुनाव की बिसात अभी से बिछने लगी है। जहां राजभर जैसे सत्ताधारी दल के नेता विपक्ष के मनोबल को तोड़ने में जुटे हैं, वहीं अखिलेश यादव इसे ‘लोकतंत्र बचाओ’ की लड़ाई बनाकर इंडी गठबंधन को मजबूत करने का दावा कर रहे हैं। राजभर की ‘लंदन जाने’ वाली भविष्यवाणी ने सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ दी है।
Also Read: कबाड़ी के खाते में करोड़ों का लेनदेन! कानपुर पुलिस ने बेनकाब किया 1600 करोड़ का सिंडिकेट

