लखनऊ के स्कूलों में अब ‘यातायात नोडल अधिकारी’ संभालेंगे जाम का मोर्चा, JCP ने जारी किए निर्देश
Sandesh Wahak Digital Desk: राजधानी लखनऊ की सड़कों पर स्कूल के समय लगने वाले भीषण जाम को खत्म करने के लिए पुलिस कमिश्नरेट ने कमर कस ली है। बुधवार को संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) बबलू कुमार ने स्कूलों के प्रधानाचार्यों और प्रबंधकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। यह बैठक माननीय उच्च न्यायालय द्वारा ‘गोमती रिवर बैंक रेजीडेंट्स’ बनाम यूपी सरकार मामले में दिए गए आदेशों के अनुपालन में आयोजित की गई थी।

स्कूलों के लिए जारी किए गए मुख्य निर्देश
यातायात नोडल अधिकारी की नियुक्ति: हर स्कूल को एक ‘नोडल यातायात अधिकारी’ नियुक्त करना होगा। यह अधिकारी स्कूल खुलने और बंद होने के समय बाहर मौजूद रहकर ट्रैफिक व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालेगा।
परिसर के अंदर होगी स्कूल वैन की एंट्री: कक्षा 5 तक के बच्चे जो वैन या स्कूल वाहन से आते हैं, उन्हें सड़क पर उतारने के बजाय स्कूल परिसर के अंदर ले जाकर सुरक्षित उतारना और चढ़ाना होगा।
पार्किंग का इंतजाम जरूरी: स्कूल स्टाफ और अभिभावकों के वाहन स्कूल की पार्किंग में ही खड़े होंगे। जिन स्कूलों के पास पार्किंग नहीं है, उन्हें पास में कोई जगह चिन्हित कर पार्किंग का प्रबंध करना होगा।
एनाउंसमेंट सिस्टम: स्कूलों को एक सेंट्रलाइज्ड एनाउंसमेंट सिस्टम लगाना होगा, ताकि छुट्टी के समय भीड़ को नियंत्रित करने के लिए निर्देश दिए जा सकें।
बसों के लिए प्रोत्साहन: स्कूल प्रबंधन अभिभावकों को प्रेरित करेगा कि वे बच्चों को निजी वाहनों के बजाय स्कूल बस या अधिकृत वैन से भेजें, ताकि सड़कों पर गाड़ियों की संख्या कम हो सके।

10 जनवरी तक देनी होगी कार्ययोजना
जेसीपी बबलू कुमार ने स्पष्ट किया है कि जिन स्कूलों ने अभी तक ट्रैफिक मैनेजमेंट को लेकर कोई कदम नहीं उठाए हैं, वे 10 जनवरी 2026 तक अपनी पूरी कार्ययोजना तैयार कर लें। इसके बाद यातायात पुलिस और स्कूल अधिकारियों की एक संयुक्त टीम इस योजना की समीक्षा करेगी और इसे जमीन पर लागू किया जाएगा। बैठक में अपर पुलिस उपायुक्त (यातायात) और सभी सहायक पुलिस आयुक्तों को निर्देश दिया गया कि वे स्कूलों के साथ समन्वय बनाकर इन नियमों का पालन सुनिश्चित कराएं।
Also Read: लखनऊ: दुष्कर्म और आत्महत्या के मामले में आरोपी गिरफ्तार, सुसाइड नोट में बयां किया था खौफनाक दर्द

