Lucknow News: KGMU लव जिहाद केस, डॉक्टर रमीज के तीन ठिकानों पर कुर्की का नोटिस चस्पा
Lucknow News: केजीएमयू के रेजिडेंट डॉक्टर रमीजुद्दीन (रमीज मलिक) पर कानून का शिकंजा कसता जा रहा है। आगरा की एक महिला डॉक्टर के साथ पहचान छिपाकर दोस्ती करने, धर्मांतरण का दबाव बनाने और फिर निकाह करने के आरोपी डॉक्टर रमीज की तलाश में पुलिस अब कुर्की (संपत्ति जब्ती) की कार्रवाई पर उतर आई है। बुधवार को लखनऊ पुलिस ने आरोपी के लखनऊ, पीलीभीत और उत्तराखंड स्थित ठिकानों पर मुनादी करते हुए नोटिस चस्पा कर दिए।
तीन राज्यों में दबिश, रिश्तेदारों से पूछताछ
चौक पुलिस की टीमें आरोपी की तलाश में एड़ी-चोटी का जोर लगा रही हैं। लखनऊ के हुसैनाबाद वाले फ्लैट, पीलीभीत के न्यूरिया स्थित पैतृक घर और उत्तराखंड के खटीमा वाले मकान पर कुर्की के नोटिस लगाए गए हैं। पुलिस ने पीलीभीत और उत्तराखंड प्रशासन से रमीज की चल-अचल संपत्तियों की पूरी लिस्ट मांगी है। पीलीभीत में कार्रवाई के दौरान पुलिस ने एक रिश्तेदार को हिरासत में लेकर करीब दो घंटे पूछताछ की, जिसने बताया कि रमीज ने उसे घर की जिम्मेदारी सौंपी थी।
काजी और गवाह भी निशाने पर
पुलिस केवल रमीज ही नहीं, बल्कि उस निकाह में शामिल साजिशकर्ताओं को भी खोज रही है। पीलीभीत के सदर और फीलखाना मोहल्ले में उन काजी और गवाहों की तलाश में छापेमारी की गई है, जिन्होंने कथित तौर पर महिला डॉक्टर का धर्मांतरण कराया था। इस पूरे प्रकरण से केजीएमयू प्रशासन की भी काफी किरकिरी हुई है। विशाखा कमेटी अपनी जांच रिपोर्ट तैयार कर रही है। सूत्रों की मानें तो रमीज का एमडी पैथोलॉजी का दाखिला रद्द करने की सिफारिश की जा सकती है। कुलपति की मुहर लगते ही उस पर प्रशासनिक कार्रवाई की गाज भी गिरेगी।
धमकी और फर्जीवाड़े का खेल
जांच में यह भी पुष्टि हुई है कि रमीज ने न केवल अपनी पहचान छिपाई, बल्कि निकाह के लिए फर्जी दस्तावेज भी तैयार किए। पीड़िता का आरोप है कि रमीज ने उसे आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल भी किया था। डीसीपी पश्चिम विश्वजीत श्रीवास्तव ने साफ किया है कि यदि रमीज ने जल्द सरेंडर नहीं किया, तो उसकी पूरी संपत्ति कुर्क कर ली जाएगी। फिलहाल पुलिस की तीन टीमें नोएडा, दिल्ली और शाहजहांपुर में लगातार छापेमारी कर रही हैं।
Also Read: लखनऊ के 6 नामी स्कूलों पर हाईकोर्ट सख्त, जाम की समस्या पर सहयोग न करने पर प्रिंसिपलों को किया तलब

