Meerut News: न्याय नहीं तो अंतिम संस्कार नहीं, मां के शव के साथ अड़ा परिवार, विधायक अतुल प्रधान को रोकने पर हंगामा
Meerut News: मेरठ के कपसाढ़ गांव में दलित महिला की हत्या और उनकी बेटी रूबी के अपहरण के बाद हालात बेकाबू होते जा रहे हैं। शुक्रवार को परिजनों ने मृतका के शव का अंतिम संस्कार करने से साफ इनकार कर दिया। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे पीछे नहीं हटेंगे। गांव में तनाव को देखते हुए पीएसी और कई थानों की फोर्स तैनात की गई है।
परिजनों की तीन कड़ी शर्तें
अधिकारियों की घंटों की मिन्नतें और आश्वासनों के बावजूद पीड़ित परिवार अपनी तीन मांगों पर अड़ा है।
मुख्य आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी: पुलिस उन दरिंदों को सलाखों के पीछे भेजे जिन्होंने इस वारदात को अंजाम दिया।
बेटी की सकुशल वापसी: लापता बेटी को जल्द से जल्द ढूंढ कर लाया जाए।
बुलडोजर कार्रवाई: आरोपियों के अवैध निर्माण और संपत्तियों पर प्रशासन का बुलडोजर चलना चाहिए।
विधायक अतुल प्रधान को जाने से रोका
इस संवेदनशील मामले ने अब सियासी तूल भी पकड़ लिया है। सरधना से सपा विधायक अतुल प्रधान जब अपने समर्थकों के साथ पीड़ित परिवार से मिलने गांव जा रहे थे, तो पुलिस ने गंगनहर पटरी पर बैरिकेड लगाकर उन्हें रोक दिया। इस दौरान विधायक और समर्थकों की पुलिस के साथ तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई। आगे जाने की अनुमति न मिलने पर अतुल प्रधान अपने समर्थकों के साथ वहीं धरने पर बैठ गए, जिससे हंगामा और बढ़ गया।
अधिकारियों के हाथ-पांव फूले
गांव में जिलाधिकारी (DM) डॉ. वीके सिंह और डीआईजी डॉ. विपिन टाडा खुद मोर्चा संभाले हुए हैं। आला अधिकारी लगातार परिजनों को समझाने की कोशिश कर रहे हैं कि कानून को अपने हाथ में न लें, लेकिन ग्रामीणों का आक्रोश कम होने का नाम नहीं ले रहा है। खुफिया विभाग भी गांव की हर हलचल पर नजर रख रहा है ताकि स्थिति और न बिगड़े। कपसाढ़ गांव की गलियों में सन्नाटा पसरा है, लेकिन लोगों के दिलों में इंसाफ की पुकार तेज है। अब देखना यह है कि प्रशासन परिजनों की मांगों पर क्या ठोस कदम उठाता है ताकि शांति व्यवस्था बहाल हो सके।
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