पश्चिमी यूपी में नशे की बड़ी खेप बरामद, ‘बंगाल से बागपत’ तक चल रहा था मौत का व्यापार

Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) की मेरठ यूनिट ने एक सटीक सूचना के आधार पर शामली जिले में बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने एक अंतरराज्यीय ड्रग तस्कर को गिरफ्तार किया है, जो अपनी लग्जरी कार के जरिए गांजे की बड़ी खेप सप्लाई करने की फिराक में था। पुलिस ने तस्कर के पास से 61.180 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाला गांजा बरामद किया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 31 लाख रुपये बताई जा रही है।

टोल प्लाजा पर बिछाया गया जाल: दबोचा गया तस्कर

यह पूरी कार्रवाई प्रदेश के आला पुलिस अधिकारियों डीजीपी यूपी, एडीजी (कानून-व्यवस्था) और एडीजी (अपराध) के मार्गदर्शन में चलाई जा रही मुहिम का हिस्सा है। 8 जनवरी 2026 की शाम को एएनटीएफ की टीम को सूचना मिली कि एक सफेद रंग की बलेनो कार में भारी मात्रा में नशीला पदार्थ सहारनपुर से शामली की ओर ले जाया जा रहा है।

टीम ने तुरंत सक्रियता दिखाते हुए शामली के थाना भवन क्षेत्र के अंतर्गत दभेड़ी टोल प्लाजा से करीब 300 मीटर पहले मोर्चा संभाल लिया। जैसे ही संदिग्ध बलेनो कार वहां पहुंची, पुलिस ने उसे चारों तरफ से घेर लिया। कार की तलाशी लेने पर उसमें से भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने मौके से राजेश कुमार (41 वर्ष) को गिरफ्तार किया, जो बागपत जिले के छपरौली थाना क्षेत्र के ग्राम बोढा का रहने वाला है।

तस्कर का ‘फ्लैशबैक’: जेल से छूटते ही फिर शुरू किया वही धंधा

गिरफ्तार अभियुक्त राजेश कुमार ने पूछताछ में जो खुलासे किए, वे चौंकाने वाले हैं। उसने बताया कि वह नशे की दुनिया का पुराना खिलाड़ी है। राजेश पहले आंध्र प्रदेश से गांजा मंगाकर बागपत और आसपास के इलाकों में थोक भाव में बेचता था। साल 2024 में गौतमबुद्धनगर के कासना इलाके में उसकी गाड़ी पकड़ी गई थी, जिसके बाद वह जेल गया था। जेल से बाहर आने के बाद उसने अपना तरीका बदल दिया। अब उसने दक्षिण भारत के बजाय पूर्वोत्तर के राज्यों से संपर्क साधा। उसने कुबूल किया कि बरामद किया गया गांजा उसे पश्चिम बंगाल की एक महिला सहारनपुर में देकर गई थी। वह इस खेप को अपनी बलेनो कार में छिपाकर शामली और बागपत के फुटकर विक्रेताओं को बेचने जा रहा था।

1000 रुपये प्रति किलो का कमीशन

राजेश ने बताया कि वह इस काले कारोबार से मोटा मुनाफा कमा रहा था। वह थोक में गांजा लेकर आता था और स्थानीय सप्लायर्स को बेचते समय हर एक किलो पर 1000 रुपये का सीधा मुनाफा कमाता था। बरामद खेप के हिसाब से वह एक ही फेरे में 60 हजार रुपये से ज्यादा की कमाई करने वाला था।

क्या-क्या हुआ बरामद? 

पुलिस ने आरोपी के पास से तस्करी में इस्तेमाल होने वाले संसाधनों के साथ-साथ पहचान से जुड़े कई दस्तावेज भी बरामद किए हैं।

अवैध गांजा: 61.180 किलोग्राम (कीमत ₹31 लाख)।

वाहन: 01 मारुति बलेनो कार (तस्करी में प्रयुक्त)।

मोबाइल: 03 स्मार्टफोन्स (नेटवर्क के संचालन के लिए)।

दस्तावेज: ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड और 04 बैंक एटीएम कार्ड।

नकद: 5,390 रुपये।

कानूनी कार्रवाई और आगे की जांच

शामली के थाना भवन में आरोपी राजेश कुमार के खिलाफ NDPS एक्ट की धारा 8/20/29/60 के तहत मुकदमा (मु.अ.सं. 10/2026) पंजीकृत कर लिया गया है।

अब एएनटीएफ की सर्विलांस टीम और स्थानीय पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि वह ‘बंगाल की महिला’ कौन है जो उसे सप्लाई दे रही थी। साथ ही, शामली और बागपत के उन ‘लोकल सप्लायर्स’ की भी लिस्ट तैयार की जा रही है जो राजेश से माल खरीदते थे। पुलिस को उम्मीद है कि राजेश के मोबाइल कॉल रिकॉर्ड्स से नशे के इस पूरे सिंडिकेट का भंडाफोड़ हो सकेगा।

इस सफल अभियान में एएनटीएफ मुख्यालय लखनऊ की सर्विलांस टीम और मेरठ यूनिट के जांबाज सिपाहियों की मुख्य भूमिका रही। एएनटीएफ के अधिकारियों का कहना है कि प्रदेश को नशामुक्त बनाने के लिए इस तरह के बड़े ऑपरेशंस लगातार जारी रहेंगे।

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