पीएम मोदी और सीएम योगी ने महात्मा गांधी को दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि
Sandesh Wahak Digital Desk: राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर आज शुक्रवार को देशभर में उन्हें नमन किया जा रहा है। इस विशेष अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बापू के आदर्शों को याद करते हुए उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। दोनों ही नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि एक विकसित और आत्मनिर्भर भारत का सपना बापू के दिखाए रास्ते पर चलकर ही पूरा हो सकता है।
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को उनकी पुण्यतिथि पर मेरा शत-शत नमन। पूज्य बापू का हमेशा स्वदेशी पर बल रहा, जो विकसित और आत्मनिर्भर भारत के हमारे संकल्प का भी आधारस्तंभ है। उनका व्यक्तित्व और कृतित्व देशवासियों को कर्तव्य पथ पर चलने के लिए सदैव प्रेरित करता रहेगा।
— Narendra Modi (@narendramodi) January 30, 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर बापू को नमन करते हुए लिखा, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को उनकी पुण्यतिथि पर मेरा शत-शत नमन। पूज्य बापू का हमेशा स्वदेशी पर बल रहा, जो विकसित और आत्मनिर्भर भारत के हमारे संकल्प का भी आधारस्तंभ है। उनका व्यक्तित्व और कृतित्व देशवासियों को कर्तव्य पथ पर चलने के लिए सदैव प्रेरित करता रहेगा। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि बापू का ‘स्वदेशी’ का आह्वान आज भी उतना ही प्रासंगिक है और हमारी सरकार के ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान का मूल मंत्र है।
'राष्ट्रपिता' महात्मा गांधी जी की पुण्यतिथि पर उन्हें शत-शत नमन।
श्रद्धेय 'बापू' का सत्यनिष्ठ आचरण, अहिंसा की उनकी अडिग साधना और मानवता के प्रति अनन्य करुणा संपूर्ण विश्व को सदैव आलोकित करती रहेंगी।
आइए, 'बापू' के आदर्शों को आत्मसात कर समृद्ध, न्यायपूर्ण और विकसित भारत के… pic.twitter.com/9UJbPpPIdP
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) January 30, 2026
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि बापू का सत्य और अहिंसा का मार्ग पूरी मानवता के लिए एक रोशनी की तरह है। उन्होंने ‘X’ पर लिखा, श्रद्धेय बापू का सत्यनिष्ठ आचरण, अहिंसा की उनकी अडिग साधना और मानवता के प्रति करुणा संपूर्ण विश्व को सदैव आलोकित करती रहेगी। आइए, बापू के आदर्शों को आत्मसात कर समृद्ध और विकसित भारत के निर्माण में अपना योगदान दें।
30 जनवरी, 1948 को ही नाथूराम गोडसे ने महात्मा गांधी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। बापू ने अपना पूरा जीवन देश की आजादी और समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने अहिंसा और सत्याग्रह जैसे अस्त्रों से दुनिया की सबसे बड़ी औपनिवेशिक ताकत (अंग्रेजों) को भारत छोड़ने पर मजबूर कर दिया। उनके इसी बलिदान और शांति के संदेश को सम्मान देने के लिए भारत हर साल इस दिन को शहीद दिवस के रूप में मनाता है।
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