घंटा के बाद अब मंत्री और ठेकेदार पर पहुंचे Kailash Vijayvargiya
Sandesh Wahak Digital Desk: मध्य प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री और इंदौर विधानसभा क्षेत्र एक से विधायक कैलाश विजयवर्गीय (Kailash Vijayvargiya) एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा के केंद्र में आ गए हैं। बुधवार को एक प्राइवेट विश्वविद्यालय के कार्यक्रम में स्कूली शिक्षा और बच्चों के चरित्र निर्माण पर बोलते हुए उन्होंने ऐसा उदाहरण दे दिया, जिसने राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक हलचल मचा दी।
मंच से दिया गया विवादित उदाहरण
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री कैलाश विजयवर्गीय (Kailash Vijayvargiya) ने कहा कि अगर बाप PWD मिनिस्टर हैं और बेटे को कपड़े ठेकेदार दिलवाएं, तो फिर ऐसे में चरित्र निर्माण कैसे होगा। मंत्री का यह बयान सामने आते ही कार्यक्रम स्थल से बाहर तक इसकी गूंज सुनाई देने लगी। बयान को लेकर लोगों ने अलग अलग तरह की प्रतिक्रियाएं देनी शुरू कर दीं और राजनीतिक चर्चाओं का दौर तेज हो गया।
पहले भी विवादों में रह चुके हैं Kailash Vijayvargiya
दरअसल यह पहला मौका नहीं है जब मंत्री विजयवर्गीय (Kailash Vijayvargiya) अपने बयान को लेकर विवादों में आए हों। इससे पहले इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित जलप्रदाय के मामले के दौरान मीडिया के सवालों पर उनके द्वारा ‘घंटा’ शब्द के इस्तेमाल को लेकर भी खासा विवाद हुआ था। उस बयान के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिली थीं और विपक्ष ने मंत्री की भाषा और गरिमा पर सवाल खड़े किए थे।
छुट्टी के बाद फिर चर्चा में बयान
दरअसल इन विवादों के बीच पारिवारिक शोक के चलते मंत्री कैलाश विजयवर्गीय (Kailash Vijayvargiya) कुछ दिनों की छुट्टी पर भी रहे थे। लेकिन कार्यभार संभालने के बाद उनका यह नया बयान एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। मंत्री का कहना था कि वे उदाहरण के माध्यम से बच्चों में नैतिक मूल्यों और ईमानदारी की बात कर रहे थे, लेकिन राजनीतिक क्षेत्र में PWD मंत्री जैसे सीधे संदर्भ ने बयान को संवेदनशील बना दिया।
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