मणिपुर में सरकार गठन को लेकर हलचल तेज, BJP विधायकों की बैठक लेंगे अमित शाह
Sandesh Wahak Digital Desk: मणिपुर में सरकार गठन की संभावनाओं के बीच भारतीय जनता पार्टी के विधायकों की बैठक थोड़ी देर में शुरू होने जा रही है। यह बैठक पार्टी मुख्यालय में आयोजित होगी। विधायकों की बैठक से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) के साथ बीजेपी महामंत्रियों की बैठक होनी है। इसके लिए अमित शाह विस्तार कार्यालय पहुंच चुके हैं। बैठक सभागार में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, संगठन महामंत्री बीएल संतोष और राष्ट्रीय महासचिव सुनील बंसल मौजूद हैं। थोड़ी देर में मणिपुर के विधायक भी बैठक स्थल पर पहुंचेंगे।
सरकार गठन के संकेत
इससे पहले बीजेपी संसदीय बोर्ड ने मणिपुर विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए पार्टी महासचिव तरुण चुघ को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया था। पार्टी का यह फैसला राज्य में संभावित सरकार गठन की दिशा में बड़ा संकेत माना जा रहा है। यह फैसला ऐसे समय लिया गया जब मणिपुर से एनडीए के विधायक केंद्रीय नेतृत्व के बुलावे पर राष्ट्रीय राजधानी पहुंचे थे।
बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने कहा कि इस प्रक्रिया का मकसद राज्य में सरकार गठन पर चर्चा करना है। उन्होंने बताया कि बीजेपी संसदीय बोर्ड ने मणिपुर में विधायक दल नेता के चुनाव के लिए तरुण चुघ को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। उन्होंने यह भी बताया कि मणिपुर में राष्ट्रपति शासन की अवधि अगले सप्ताह खत्म हो रही है।
जातीय हिंसा के बाद लगा था राष्ट्रपति शासन
पूर्वोत्तर के इस राज्य में पहली बार 13 फरवरी 2025 को मेइती और कुकी समुदायों के बीच लंबे समय तक चली जातीय हिंसा के बाद छह महीने के लिए राष्ट्रपति शासन लगाया गया था। बाद में अगस्त 2025 में इसे छह महीने के लिए बढ़ा दिया गया था। मणिपुर की 60 सदस्यीय विधानसभा का कार्यकाल 2027 तक है, जिसे केंद्र सरकार ने फिलहाल निलंबित रखा है।
सूत्रों के अनुसार मणिपुर के करीब 20 विधायक रविवार रात दिल्ली पहुंचे थे, जबकि बाकी विधायक सोमवार को केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश पर राष्ट्रीय राजधानी पहुंचे। दिल्ली पहुंचे नेताओं में पूर्व मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह, सत्यब्रता सिंह और पूर्व मंत्री वाई खेमचंद सिंह शामिल हैं। बीजेपी की प्रदेश अध्यक्ष ए शारदा देवी भी दिल्ली में मौजूद हैं।
मेइती और कुकी विधायकों से अलग-अलग बैठकें
सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय नेतृत्व ने पिछले कुछ महीनों में मेइती और कुकी विधायकों, सहयोगी दलों एनपीएफ और एनपीपी और कुछ निर्दलीय विधायकों के साथ अलग-अलग कई बैठकें की हैं। इन बैठकों का मकसद यह समझना था कि क्या राज्य में सरकार गठन के लिए राजनीतिक स्थिति अनुकूल है।
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