UP STF ने दबोचा 50 हज़ार का इनामी डकैत, नाम बदल कर चार राज्यों में मचाई थी दहशत
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश एसटीएफ (STF) ने एक ऐसे शातिर अपराधी को दबोचने में कामयाबी हासिल की है, जो पिछले 14 सालों से पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहा था। यह अपराधी न केवल यूपी, बल्कि दिल्ली, मुंबई और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में भी डकैती और चोरी की वारदातों को अंजाम दे चुका है।
एसटीएफ की नोएडा यूनिट ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए 50,000 रुपये के इनामी अपराधी अमित उर्फ अंकित (उर्फ राजू उर्फ राहुल) को गिरफ्तार किया है। बिहार के मधुबनी का रहने वाला यह शातिर अपराधी साल 2012 में गाजियाबाद के कविनगर में हुई एक बड़ी चोरी के मामले में वांछित था और तब से फरार चल रहा था।
नौकर बनकर करता था ‘सफाई’, फिर डालता था डकैती
पूछताछ में अमित ने जुर्म की जो दुनिया बयां की, वह चौंकाने वाली है। उसका काम करने का तरीका (Modus Operandi) बेहद शातिर था। गिरोह का एक सदस्य पहले किसी अमीर घर में नौकर बनकर घुसता था। जैसे ही घर के मालिक बाहर जाते या घर में कोई बुजुर्ग अकेला होता, अमित अपने साथियों को बुला लेता। इसके बाद वे या तो चोरी करते या लोगों को बंधक बनाकर डकैती डालते।
मुंबई से कोलकाता तक जुर्म का सफर
मुंबई (2012): जुहू में नौकर बनकर 3 लाख रुपये और जेवरात चोरी किए। 8 महीने जेल में रहा।
गाजियाबाद (2012): कविनगर में 50 लाख रुपये और सोना-चांदी पार कर दिया।
दिल्ली (2015): नारायणा और न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में बंधक बनाकर लाखों की डकैती डाली।
कोलकाता (2017): लाल बाजार क्षेत्र में 5 लाख की डकैती। यहाँ वह पकड़ा गया और 2024 तक जेल में रहा।
नोएडा (2025): जेल से छूटने के बाद फिर से सक्रिय हुआ और सेक्टर-61 में चोरी की वारदात को अंजाम दिया।
कैसे पकड़ा गया ‘बहुरूपिया’ डकैत?
एसटीएफ के डिप्टी एसपी नवेन्दु कुमार के नेतृत्व में टीम काफी समय से इस इनामी बदमाश के पीछे थी। अमित लगातार अपने नाम और पते बदल रहा था। सटीक मुखबिरी के आधार पर एसटीएफ को पता चला कि वह बिहार के मधुबनी में छिपा है। टीम ने वहां घेराबंदी की और उसे पकड़कर गाजियाबाद ले आई। साक्ष्यों के आधार पर उसे आज (12 फरवरी) शाम 4:30 बजे आधिकारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया।
अभियुक्त का प्रोफाइल और रिकॉर्ड
नाम: अमित उर्फ अंकित उर्फ राजू उर्फ राहुल (पुत्र दुलीचन्द)
निवासी: ग्राम फुरोना, जनपद मधुबनी, बिहार।
अपराधिक इतिहास: दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, गाजियाबाद, नोएडा और मधुबनी में डकैती, चोरी और आर्म्स एक्ट के आधा दर्जन से अधिक संगीन मामले।
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