कागजों पर ‘क्राइम’ कम दिखाने का खेल? पर रहीमाबाद पुलिस FIR दर्ज करने से कर रही ‘परहेज’

Sandesh Wahak Digital Desk: लखनऊ के रहीमाबाद थाना क्षेत्र में इन दिनों चोरों के हौसले बुलंद हैं, लेकिन पीड़ितों के लिए न्याय की राह उतनी ही मुश्किल। आरोप है कि स्थानीय पुलिस इलाके के ‘क्राइम ग्राफ’ को नीचे रखने के चक्कर में चोरी की घटनाओं की रिपोर्ट दर्ज करने के बजाय सिर्फ जांच का आश्वासन देकर मामलों को ठंडे बस्ते में डाल रही है।

एक के बाद एक हुईं तीन बड़ी वारदातें

बीते कुछ दिनों में क्षेत्र में चोरी की कई घटनाएं हुईं, जिनकी तहरीर पुलिस को दी जा चुकी है, लेकिन अभी तक किसी भी मामले में मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है।

डम्पर की बैट्री चोरी (15 फरवरी): ग्राम जिन्दौर के रहने वाले नूर आलम उर्फ नूरी के घर के बाहर खड़े एक डम्पर से चोरों ने दो बैटरियां पार कर दीं।

अंत्येष्टि स्थल पर हाथ साफ (16 फरवरी): ग्राम पंचायत मवईकलां की कार्यवाहक प्रधान प्रीती मौर्या ने शिकायत की कि चोरों ने सरकारी अंत्येष्टि स्थल का लोहे का गेट, पानी की टंकी और टोंटी तक चोरी कर ली।

दिनदहाड़े बकरियों की चोरी (18 फरवरी): हद तो तब हो गई जब जिन्दौर निवासी तौहीद की दो बकरियां चोरों ने दिनदहाड़े चारपहिया वाहन में लादीं और रफूचक्कर हो गए।

जांच के नाम पर टालमटोल

पीड़ितों का कहना है कि वे घटना के तुरंत बाद थाने पहुंचे और लिखित शिकायत भी दी। लेकिन पुलिस की कार्यशैली ‘तहरीर लो और भूल जाओ’ जैसी नजर आ रही है। पुलिस का कहना है कि वे मामले की ‘जांच’ कर रहे हैं, लेकिन हकीकत में FIR दर्ज न होने से चोरों के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं हो पा रही है।

अपराध का ग्राफ गिराने की कोशिश?

इलाके में चर्चा है कि रहीमाबाद पुलिस उच्चाधिकारियों की नजर में खुद को बेहतर दिखाने और आंकड़ों में अपराध को कम दिखाने के लिए FIR दर्ज करने से बच रही है। अगर घटनाओं को सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज ही नहीं किया जाएगा, तो कागजों पर अपराध कम दिखेगा, लेकिन जमीन पर आम आदमी की सुरक्षा भगवान भरोसे ही रहेगी।

रिपोर्ट: सुरेन्द्र कुमार (शेरा वर्मा)

 

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