ट्रंप सरकार से नाराज हुए खाड़ी देश, अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हुए सहयोगी

Sandesh Wahak Digital Desk: खाड़ी देशों (Gulf Countries) में अमेरिका के पुराने सहयोगी अब वाशिंगटन के रवैये से खासे नाराज हैं। विवाद की वजह है राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किया गया अचानक हमला। खाड़ी के देशों का आरोप है कि अमेरिका ने उन्हें इस बड़े ऑपरेशन के बारे में अंधेरे में रखा और अब जब ईरान पलटवार कर रहा है, तो उन्हें अपनी सुरक्षा के लिए अकेला छोड़ दिया गया है।

हमें भरोसे में नहीं लिया गया

खाड़ी देशों के अधिकारियों ने पहचान गुप्त रखने की शर्त पर अपनी नाराजगी जाहिर की है। उनका कहना है कि अमेरिका और इजरायल ने जब ईरान पर शुरुआती हमले किए, तो इसकी जानकारी खाड़ी के देशों को पहले से नहीं दी गई थी। इन देशों ने अमेरिका को पहले ही आगाह किया था कि ऐसी जंग पूरे क्षेत्र के लिए विनाशकारी साबित होगी, लेकिन उनकी बात अनसुनी कर दी गई।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि खाड़ी में अब यह धारणा बन गई है कि अमेरिकी सेना केवल इजरायल और अपने सैन्य अड्डों को बचाने में लगी है। उन्होंने कहा, हमें इस बात का गुस्सा है कि अमेरिकी सेना ने हमारी रक्षा के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए। ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों का सामना करने के लिए हमें हमारे हाल पर छोड़ दिया गया है।

इस तनाव के बीच व्हाइट हाउस की प्रवक्ता एना केली ने एक अलग पक्ष रखा है। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन एपिक फ्यूरी (Operation Epic Fury) के जरिए ईरान की मिसाइल बनाने और लॉन्च करने की क्षमता को 90 फीसदी तक ध्वस्त कर दिया गया है। उन्होंने कहा, राष्ट्रपति ट्रंप सभी क्षेत्रीय साझेदारों के संपर्क में हैं। ईरान का अपने पड़ोसियों पर हमला करना ही यह साबित करता है कि इस खतरे को जड़ से खत्म करना कितना जरूरी था।

सन्नाटे में हैं प्रमुख खाड़ी सरकारें

हालांकि अधिकारियों के स्तर पर नाराजगी साफ दिख रही है, लेकिन कुवैत, बहरीन और सऊदी अरब जैसी प्रमुख सरकारों ने आधिकारिक तौर पर इस मुद्दे पर फिलहाल चुप्पी साध रखी है। कूटनीतिक गलियारों में चर्चा है कि अगर अमेरिका ने अपने सहयोगियों को सुरक्षा का पुख्ता भरोसा नहीं दिया, तो खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका की पकड़ कमजोर हो सकती है।

Also Read: असम में सुखोई-30 फाइटर जेट क्रैश, ट्रेनिंग मिशन के दौरान रडार से हुआ था गायब, दोनों पायलटों की मौत

Get real time updates directly on you device, subscribe now.