सजायाफ्ता आसाराम सरयू आरती में हुए शामिल, बोले- अयोध्या जाने से मिट जाते हैं शरीर के दोष

Ayodhya News: यौन शोषण के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम बापू इन दिनों पैरोल या विशेष अनुमति (विधिक प्रक्रिया के तहत) पर बाहर हैं और मंगलवार को वे अयोध्या पहुंचे। लंबे समय बाद सार्वजनिक रूप से नजर आए आसाराम ने सरयू तट पर आयोजित होने वाली भव्य आरती में हिस्सा लिया और धर्म-कर्म से जुड़ी बातें कीं।

पत्रकारों से बातचीत के दौरान आसाराम ने भारतीय संस्कृति में तीर्थों के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा, भारत में सात ऐसी जगहें हैं जिन्हें मोक्ष देने वाला माना गया है- अयोध्या, मथुरा, हरिद्वार (माया), काशी, कांची, उज्जैन (अवंतिका) और पुरी। इन स्थानों पर जाने या प्राण त्यागने से व्यक्ति का कल्याण निश्चित है।

बीमारियों और दोषों पर दिया ज्ञान

आसाराम ने आयुर्वेद और अध्यात्म को जोड़ते हुए दावा किया कि हमारे शरीर में तीन मुख्य दोष (वात, पित्त और कफ) होते हैं। उनके अनुसार, तीर्थों की यात्रा करने से इनमें से एक दोष स्वतः ही समाप्त हो जाता है। उन्होंने इस सूची में अयोध्या को सबसे ऊपर और प्रभावशाली बताया।

साधुता और नरक की सुनाई कहानी

बातचीत के दौरान आसाराम ने एक किस्सा सुनाते हुए कहा कि मथुरा में एक व्यक्ति साधु के भेष में रहता था, लेकिन उसका आचरण सही नहीं था। वह शराब और मांस का सेवन करता था, फिर भी मोक्षदायिनी नगरी में रहने के कारण उसे नरक नहीं मिला। उन्होंने दावा किया कि संत बलराम दास ने उसे मृत्यु के बाद भी जंगलों में देखा था। मंगलवार को सरयू आरती और हनुमानगढ़ी के दर्शन के बाद, आसाराम ने काफी समय तक लोगों से दूरी बनाए रखी। सूत्रों के मुताबिक, बुधवार को उनके कार्यक्रम में नवनिर्मित राम मंदिर में दर्शन और पूजन शामिल है।

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